*औद्योगिक जिले में संचालित अनेक संस्थानों में एक और नाम मेडिकल कॉलेज का जुडऩे जा रहा है*।

राजेन्द्र देवांगन
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25 एकड़ भूमि में आकार लेगा मेडिकल कॉलेज, होगा मील का पत्थर साबित…

सवितर्क न्यूज, मनोज देवांगन

कोरबा। औद्योगिक जिले में संचालित अनेक संस्थानों में एक और नाम मेडिकल कॉलेज का जुडऩे जा रहा है।

पिछले दिनों इसकी मंजूरी प्राप्त होने के साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंहदेव ने ऑनलाइन भूमिपूजन किया जबकि यहां के आईटी कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधि शामिल हुए।

25 एकड़ भूमि में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज आकार लेगा।

विकास की बढ़ोत्तरी के लिए मील का पत्थर बताया जा रहा है।
चिकित्सा विज्ञान की पढ़ाई के लिए ना केवल कोरबा बल्कि विभिन्न हिस्सों के विद्यार्थियों को कोरबा में नया प्लेटफार्म मिलने जा रहा है मेडिकल कॉलेज के रूप में।

कोरबा मेडिकल कॉलेज भवन का वर्चुअल भूमि पूजन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज सुबह 11 बजे किया।

इस कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम और कोरबा लोकसभा की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुईं।

कोरबा में स्थापित होने वाले इस नए मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई शुरू करने के लिए तात्कालिक तौर पर झगरहा के आईटी कॉलेज के दो ब्लॉकों में पृथक व्यवस्था की जा रही है।

मेडिकल कॉलेज के नए भवन के लिए आईटी कॉलेज की पीछे ही 25 एकड़ भूमि चिन्हांकित कर ली गई है।

जरूरी प्रक्रियाओं की पूर्ति के साथ यहां पर निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।

भूमिपूजन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में महापौर राजकिशोर प्रसाद, विधायक पुरुषोत्तम कंवर, मोहितराम केरकेट्टा,

केंद्र प्रवर्तित योजना से होगा काम
प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा के लिए केन्द्र प्रवर्तित योजना के तहत तीन नए मेडिकल कॉलेज कोरबा, कांकेर और महासमुंद में खोले जाने है।

कोरबा जिले में 325 करोड़ रूपए की लागत से एक सौ विद्यार्थी प्रति वर्ष प्रवेशित क्षमता का नया मेडिकल कॉलेज खुलेगा।

मेडिकल कॉलेज की कुल लागत में से 60 प्रतिशत राशि केन्द्र सरकार द्वारा और 40 प्रतिशत राशि राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

पहले साल में मेडिकल कॉलेज में विद्यार्थियों के दाखिले के बाद एनॉटोमी, फिजियोलॉजी, बायो-कैमेस्ट्रीयों की पढ़ाई शुरू होगी।

अध्ययन-अध्यापन के लिए लगभग 280 विभिन्न पदों पर नियुक्तियां भी की जाएंगी।

राज्य सरकार द्वारा मेडिकल कॉलेज में अध्यापन के लिए विशेषज्ञ प्रोफेसरों और अन्य नॉन मेडिकल स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया भी जल्द शुरू की जाएगी।

मेडिकल कॉलेज से जिला अस्पताल को संबद्ध कर विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल आदि की सुविधा भी मिलेगी।

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