रायपुर में ट्रक हेल्पर की हत्या: एक साल पुरानी मर्डर मिस्ट्री सुलझाने में जुटी पुलिस

राजेन्द्र देवांगन
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रायपुर: ट्रक हेल्पर की हत्या की गुत्थी, एक साल बाद पुलिस ने फिर से शुरू की जांच

खरोरा। रायपुर के खरोरा थाना क्षेत्र में मध्यप्रदेश के ट्रक हेल्पर मदन सिंह अहिरवार की हत्या का मामला एक बार फिर चर्चा में है। करीब एक साल पहले उनकी लाश फैक्ट्री की पानी की टंकी में संदिग्ध परिस्थितियों में मिली थी। पुलिस अब इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए नए सिरे से जांच में जुट गई है।

घटना का विवरण:

24-25 नवंबर 2023 की रात को ट्रक ड्राइवर प्रसन्ना यादव (दतिया, मध्यप्रदेश) अपने हेल्पर मदन सिंह के साथ गेहूं से भरी यूपी पासिंग ट्रक को अनलोड कराने बरौंडा सारागांव स्थित एक फैक्ट्री में ले गया। वजन करवा कर दोनों ने ट्रक अंदर खड़ा किया और खाना खाकर ट्रक में ही सो गए।

रात में मजदूरों ने किया था मदन सिंह की शिकायत:

रात करीब 1 बजे फैक्ट्री के मजदूर रामकुमार पासवान, बम दास, महेश टंडन, संजय पासी और राजा ने प्रसन्ना को जगाया। मजदूरों ने मदन सिंह के फैक्ट्री के भीतर घूमने की शिकायत करते हुए कहा, “मदन को संभालो, वरना हम उसे मार देंगे।” प्रसन्ना ने मदन को समझाकर फिर सो जाने को कहा।

सुबह मदन हुआ गायब:

सुबह करीब 6 बजे प्रसन्ना ने देखा कि मदन गायब है। उसने फैक्ट्री के आसपास और इलाके में तलाश की, लेकिन मदन का कोई पता नहीं चला। फैक्ट्री में लगे सीसीटीवी फुटेज देखने की कोशिश की गई, लेकिन गार्ड ने बताया कि कैमरे खराब हैं।

पानी की टंकी में मिली लाश:

दो दिन बाद फैक्ट्री के पीछे स्थित पानी की टंकी से दुर्गंध आने पर स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। जांच के दौरान मदन की लाश टंकी में मिली। लाश के ऊपर से टंकी का ढक्कन बंद था।

शरीर पर चोट के निशान नहीं:

मदन के शव पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले, जिससे हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो सका। प्रारंभिक जांच में संभावना जताई गई कि मदन को टंकी में डुबोकर मारा गया और टंकी का ढक्कन बंद कर दिया गया।

जांच में अब तक प्रगति नहीं:

पुलिस को इस मामले में फैक्ट्री के मजदूरों पर शक है, लेकिन अभी तक किसी संदिग्ध की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
खरोरा थानेदार के नेतृत्व में पुलिस ने अब नए सिरे से इस मर्डर मिस्ट्री की जांच शुरू की है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और मजदूरों के बयानों के आधार पर केस सुलझाने की कोशिश की जा रही है।

संदेह और चुनौती:

पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बना हुआ है, क्योंकि घटना के समय सीसीटीवी खराब थे और हत्या के सटीक कारण का पता नहीं चल पाया है। फॉरेंसिक टीम से मिली जानकारी और मजदूरों के व्यवहार की जांच के आधार पर पुलिस इस हत्या की गुत्थी सुलझाने में जुटी है।

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