तहसीलदार पर लगाए गए आरोप झूठे निकले — जनप्रतिनिधि ने जनदर्शन में दी लिखित माफी

Jagdish Dewangan
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मुंगेली | 10 फरवरी 2026

लोरमी तहसील में पदस्थ तहसीलदार श्री शेखर पटेल के विरुद्ध लगाए गए गंभीर आरोपों के मामले में एक बड़ा और निर्णायक मोड़ सामने आया है। समाजसेवी एवं पूर्व विधानसभा प्रत्याशी कोमल सिंह राजपूत ने जिला जनदर्शन अधिकारी, मुंगेली के समक्ष अपने द्वारा लगाए गए आरोपों पर लिखित रूप से माफी प्रस्तुत की है।

कोमल सिंह राजपूत द्वारा दिए गए माफीनामे में यह स्वीकार किया गया है कि उन्होंने टोकन क्रमांक 15526 के अंतर्गत तहसीलदार शेखर पटेल पर महिला कर्मचारियों को वीडियो कॉल कर अशोभनीय बातें करने तथा CBI और ED जांच की मांग करते हुए जो शिकायत की थी, उसके लिए वे क्षमाप्रार्थी हैं और हाथ जोड़कर माफी मांगते हैं।

इस पूरे प्रकरण में तहसीलदार शेखर पटेल की ओर से पैरवी कर रहे उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के अधिवक्ता श्री निखिल शुक्ला ने कहा कि
“माफी मांगना किसी को छोटा नहीं बनाता, बल्कि यह व्यक्ति के नैतिक साहस और सत्य के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। एक जनप्रतिनिधि होने के नाते सत्य का मार्ग अपनाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है।”

उन्होंने यह भी कहा कि इस घटनाक्रम से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि बिना किसी ठोस प्रमाण के किसी प्रशासनिक अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाना न केवल गलत है, बल्कि इससे व्यवस्था और लोकतंत्र दोनों को नुकसान पहुँचता है।

इस प्रकरण से राज्य के अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी अब अधिक सजग होंगे और यह उदाहरण बनेगा कि कानून और सत्य के सामने अंततः हर झूठ टिक नहीं सकता।

सूत्रों के अनुसार, उक्त माफीनामा सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, राज्यपाल, गृह मंत्री, डीआईजी एवं जिला प्रशासन सहित अनेक संवैधानिक पदाधिकारियों को भी सूचनार्थ भेजा गया है।

प्रशासनिक और कानूनी हलकों में इस घटनाक्रम को एक महत्वपूर्ण नज़ीर के रूप में देखा जा रहा है कि अफवाह, सोशल मीडिया और राजनीतिक दबाव के आधार पर लगाए गए आरोप अंततः टिकते नहीं हैं।

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संपादक - जगदीश देवांगन