प्रधानमंत्री आवास योजना: बिलासपुर नगर निगम में लाॅटरी सिस्टम से 38 आवासों का आवंटन

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर । छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मोर मकान, मोर आस’ योजना का लाभ पूर्व में कई परिवारों को मिला उन्हें भवन आवंटित कर दिया गया है. यह सभी अब अपने पक्के मकान में रह रहे है. इस योजना का लाभ मिलने से कई गरीब परिवारों के पास अपना पक्का मकान है.

इसी तारतम्य में आज लॉटरी के माध्यम से लोगों को आवास आवंटित किया गया। जिसमें नूतन चौक में 11 और राजकिशोर नगर में 27 लोगों को मकान आवंटन किए गए

बता दें कि, नगर निगम के द्वारा ‘मोर मकान, मोर आस’ योजना के तहत अलग-अलग क्षेत्र में पीएम आवास बनाए गए हैं. स्लम और गैर स्लम क्षेत्र में किराये के मकान में रहने वाले लोगों को 325 वर्ग फीट कार्पेट एरिया में दो कमरे का फ्लैट मात्र 3.25 लाख रुपये में आवंटित किया जाता है

कुछ महत्वपूर्ण बातें

मोर मकान, मोर आस’ योजना के तहत मकान लेने वालों को अपने संबंधित जिले का अगस्त 2015 के पूर्व का निवासी होना होगा. साथ ही, आवदेन करने वालों की आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए. आवेदक के नाम से भारत में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए.

बात करें दस्तावेज की तो राशन कार्ड, आधार कार्ड और किराएदार होने का एक शपथ पत्र कोर्ट से बनवाना होगा.

मोर मकान मोर आस योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) का ही एक हिस्सा है. इस योजना के तहत, आवास निर्माण के लिए आवेदन किया जा सकता है.

इस योजना से जुड़ी कुछ खास बातेंः

इस योजना के तहत, गरीबी रेखा से नीचे (BPL) और कमज़ोर आय वर्ग (EWS) के वे लोग आवेदन कर सकते हैं जिनकी सालाना आय तीन लाख रुपये से कम हो.

एक आवेदक केवल एक ही आवेदन कर सकता है.
आवेदन की स्थिति जानने, पुनः आवेदन डाउनलोड करने, या भुगतान रसीद पाने के लिए, “आवेदक लॉगिन करें” में जाया जा सकता है.

मोर जमीन मोर चिन्हारी (एएचपी) घटक के तहत, जिन परियोजनाओं में आवास निर्माण कार्य निर्माणाधीन है, वहां हितग्राहियों को हितग्राही अंशदान की राशि जमा करानी होगी.

नए आवास के निर्माण के लिए, जिनके पास निजी ज़मीन है, उन्हें दो लाख रुपये अनुदान दिया जाता है. इसमें केंद्र सरकार की तरफ़ से डेढ़ लाख रुपये और राज्य सरकार की तरफ़ से 50 हज़ार रुपये मिलते हैं.

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