अफसर-ठेकेदारों की लापरवाही…3 दिन में 2 मौत: बिना सेफ्टी किट कर्मचारियों से करा रहे काम

राजेन्द्र देवांगन
7 Min Read
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3 दिन में 3 हादसों में 2 कर्मचारियों की जान गई है।

केस-1: 16 अक्टूबर को रायपुर के कचना इलाके में लाइन सही करने के लिए चढ़े लाइनमैन धीरज वर्मा की करंट लगने से मौत हो गई। मामले में बिजली कंपनी के अधिकारियों ने जांच कराई।

लाइन सही कराने के लिए जिस इंजीनियर को प्रभारी बनाया गया था, उसे नोटिस दिया गया है।

केस-2: 15 अक्टूबर को रायपुर के मठपुरैना इलाके में बिजली विभाग के सब स्टेशन में काम करने वाले लाइनमैन दिलीप जंघेल की करंट लगने से मौत हो गई। दिलीप लाइन में फॉल्ट सुधार रहा था, तभी बिजली लाइन चालू कर दी गई, जिससे तेज झटके के साथ वो नीचे गिर गया।

लाइनमैन को फौरन पास के अस्पताल ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।केस-3: 17 अक्टूबर को रायपुर के सड्‌डू इलाके में स्थित वीआईपी कॉलोनी के सेक्टर-3 में लाइनमैन इतवारु करंट की चपेट में आ गया, उसका इलाज जारी है। दोपहर 2 बजे लाइन ठीक कर रहे इतवारु को करंट लगा और वो ऊंचाई से गिर गया। हादसे में लाइनमैन के सिर पर गंभीर चोट आई है। युवक को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

बिल्डर, प्राइवेट ठेकेदार से बिजली कंपनी की लाइन में काम करवा रहा था।

केस-4: 24 जून 2023 को गरियाबंद के मूचबहाल में फॉल्ट ठीक करते समय इलेक्ट्रीशियन गजेंद्र मांझी करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। मांझी इंसूलेटर का फ्यूज बनाने के लिए परमिट लेकर 11 KV लाइन के पोल पर चढ़ा था।ये महज चार हादसे बिजली कंपनी के अधिकारियों और प्राइवेट ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कुछ अधिकारी और ठेकेदार सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर बिजली खंभों और लाइन में काम करवाने के दौरान प्रोटोकॉल का पालन नहीं करवा रहे।लाइनमैन से बिना सेफ्टी किट काम करा रहे हैं, जिससे करंट की चपेट में आकर कर्मचारियों की मौत हो रही है या घायल हो रहे हैं। जबकि अधिकारियों और ठेकेदारों की मनमानी की जानकारी मुख्यालय के अधिकारियों को भी है।

मनमानी की एक वजह ये भी है कि अफसर एक ही जगह पर 5-5 साल से जमे हुए हैं।मठपुरैना में हादसे के बाद घायल लाइनमैन।लेकिन अफसरों और ठेकेदारों की हाई एप्रोच के कारण वे ठोस कार्रवाई नहीं कर पाते। हादसे के बाद जांच करने का आश्वावासन देकर मामला पेंडिंग में डाल दिया जाता है और फिर से जिले में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी और ठेकेदारों की लॉबी अपनी मनमानी शुरू कर देती है।

सड्डू में घायल हुआ लाइनमैन इतवारु कुमार।सेफ्टी किट केवल दिखाने के लिएबिजली कंपनी में काम की अधिकतर जिम्मेदारी प्राइवेट ठेकेदारों के हाथ में है। लाइन सुधारने के अलावा नई लाइन लगाने, खंभा लगाने और मीटर शिफ्टिंग का काम भी इन लोगों के द्वारा किया जाता है। काम के दौरान कर्मचारियों को सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं करवाए जाते हैं।

दिखावे के लिए ठेकेदार के पास सेफ्टी किट रहती है, जो अधिकारियों के विजिट के दौरान काम करने वाले लोगों को उपलब्ध कराई जाती है।गरियाबंद में हादसे के बाद लाइनमैन का शव 1 घंटे तक लटका रहा।

पड़ताल में पता चली मनमानी की वजह बिजली कंपनी के कर्मचारियों से हादसे के बाद भी प्राइवेट ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई क्यों नहीं होती? दैनिक भास्कर ने जब पड़ताल की तो नाम नहीं छापने की शर्त पर बिजली कंपनी में पोस्टेड कुछ अधिकारियों ने बताया, कि कंपनी में अधिकांश वही लोग ठेकेदार हैं, जो पहले कंपनी में अधिकारी रह चुके है या वर्तमान में अधिकारी हैं।

वे अपने रिश्तेदारों को ठेकेदारी का लाइसेंस दिलवाकर काम करवा रहे हैं।कुछ अधिकारी प्राइवेट फर्म में साइलेंट पाटर्नर हैं और इस वजह से लगातार उस फर्म को काम भी मिल रहा है। इनसे गलती होने पर दिखावे की कार्रवाई कर ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाकर मामला रफा-दफा कर दिया जाता है।सेफ्टी किट के बिना काम करने मजबूर हैं कर्मचारी।

लंबे समय से एक ही जगह पोस्टिंग भी कारण रायपुर सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों में काम के दौरान होने वालों हादसों में एक जानकारी सामने आई, कि जिस वक्त हादसे हुए उस वक्त संबंधित अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं थे।

अधिकारी काम के दौरान सुपरविजन क्यों नहीं करते? इस बात का कारण भी दैनिक भास्कर की टीम ने विभागीय अधिकारियों से पूछा।अधिकारियों के मुताबिक, रायपुर सहित मैदानी इलाके में कई अधिकारी ऐसे हैं, जो लंबे समय से यानि पांच साल से ज्यादा एक ही शहर में पोस्टेड हैं। एक ही जगह पोस्टिंग होने की वजह से वो मॉनिटरिंग में लापरवाही शुरू कर काम अधीनस्थों के भरोसे छोड़ देते हैं।

यही वजह है कि काम में लापरवाही होती है और हादसे होते हैं।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार होगी कार्रवाई : जोन प्रभारी कचना और सड्डू इलाके के प्रभारी इंजीनियर विनय चंद्राकर से दैनिक भास्कर की टीम ने चर्चा की। इस दौरान जोन प्रभारी विनय चंद्राकर ने बताया, कि कचना और सड्‌डू इलाके में हुए हादसे की सूचना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को दी है।

वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशानुसार की जाएगी कार्रवाई: ईईसड्‌डू में जहां हादसा हुआ, वहां बिल्डर प्राइवेट ठेकेदार के माध्यम से काम करवा रहा था। मामले में आवेदनकर्ता को नोटिस जारी कर जवाब देने के लिए कहा है।

आवेदनकर्ता का जवाब आने के बाद वरिष्ठ अधिकारियों को जानकारी दी जाएगी और उनके निर्देशानुसार एक्शन लिया जाएगा।

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