छुई खदान धंसने से दबकर 2 मजदूरों की मौत:सरगुजा में मिट्टी निकालने सुरंग में घुसे थे; खुदाई के दौरान गिरा ऊपरी हिस्सा

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

सरगुजा – छुई मिट्टी की खदान धंसने से दो ग्रामीणों की मौतसरगुजा जिले के लखनपुर थानाक्षेत्र अंतर्गत जमदरा में छुई मिट्टी निकालने के दौरान खदान की छत धसक जाने से दो ग्रामीण दब गए। उन्हें जब तक बाहर निकाला गया, दोनों की मौत हो गई। सूचना पर कुन्नी पुलिस मौके पर पहुंची।

दोनों ग्रामीणों के शव बरामद कर लिए गए हैं.जानकारी के मुताबिक, सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत करई अंतर्गत जमदरा निवासी हीरामन यादव एवं शिवा यादव अन्य साथियों के साथ गांव से एक किलोमीटर दूर छुुई खदान में छुई मिट्टी निकालने पहुंचे थे।

छुई मिट्टी निकालने के लिए दोनों मिट्टी के टीले के नीचे सुंरगनुमा खदान के अंदर घुसे थे। वे खदान से छुई मिट्टी खोद रहे थे, उसी दौरान उपर का टीला उपके उपर गिर गया एवं दोनों मिट्टी के बड़े ढेर में दब गए।घटनास्थल, जहां छुई खदान का बड़ा हिस्सा धंस गयाखोदकर बाहर निकाला, दोनों की मौत हीरामन एवं शिवा यादव के साथ छुई मिट्टी निकालने गए अन्य युवकों ने शोर मचाया। सूचना पर लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे एवं उपर की मिट्टी हटाने का काम शुरू किया गया।

जब तक मिट्टी हटाकर दोनों को बाहर निकाला गया, दोनों की मौत हो गई थी।सूचना पर कुन्नी पुलिस मौके पर पहुंची एवं शवों का पंचनामा किया। ग्रामीणों ने बताया कि जमदरा में जहां हादसा हुआ, वहां बड़ी संख्या में लोग छुई मिट्टी निकालते हैं। मौसम साफ होने के बाद रोज लोग छुई मिट्टी निकाल रहे थे। इसके कारण नीचे सुरंग बन गई थी।

आज सुबह यह हादसा हो गया।एक माह पूर्व सूरजपुर में हुआ था हादसा एक माह पूर्व सूरजपुर जिले के गेतरा में छुई मिट्टी निकालने के दौरान तीन महिलाएं दब गई थी, जिनमें से दो को सुरक्षित बाहर निकाला लिया गया था। एक युवती फुलकुंवर अंदर दब गई थी, जिसकी मौके पर मौत हो गई थी। संभाग में कई छुई खदान खतरनाक स्थिति में हैं।दीवार पोतने के लिए उपयोग में आती है मिट्टी आदिवासी बाहुल्य इलाके में छुई मिट्टी का उपयोग कच्ची दीवारों की पोताई के लिए किया जाता है।

घरों की पोताई के साथ छुई मिट्टी बेची भी जाती है। इस कारण यह आजीविका का भी साधन है। सरगुजा संभाग में इसके पूर्व भी छुई मिट्टी की खदान में दबने मौत के मामले सामने आ चुके हैं।

Share This Article