छत्तीसगढ़ में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की अपार संभावनायें

राजेन्द्र देवांगन
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राज्य की नई औद्योगिक नीति के तहत हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए निवेशकों को मिलेगी हर संभव मदद

रायपुर । मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और ऊर्जा विभाग के सचिव पी. दयानंद की उपस्थिति में गुजरात में आयोजित ग्लोबल रिन्यूएबल एनर्जी इन्वेस्टर मीट-2024 के दौरान आयोजित ’’ग्रीन हाइड्रोजन सीईओ राऊंड टेबल’’ कॉन्फ्रेंस में निवेशकों को यह जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ में ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ में निवेश करने वाले निवेशकों को राज्य की नवीन औद्योगिक नीति 2024-29 के तहत हर संभव प्रोत्साहन और सहयोग प्रदान किया जाएगा। इस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व, छत्तीसगढ़ बायोफ्यूल विकास प्राधिकरण (सीबीडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित सरकार द्वारा किया गया।

सीबीडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा इस अंतर्राष्ट्रीय इन्वेस्टर मीट में छत्तीसगढ़ राज्य में अपरम्परागत ऊर्जा के क्षेत्र में अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। निवेशकों को छत्तीसगढ़ में भविष्य की महत्वपूर्ण बायोमास आधारित योजनायें जैसे-बायो-एथेनॉल, बायोजेट एवियेशन फ्यूल, कम्प्रेस्ड बायोगैस तथा ग्रीन हाइड्रोजन आदि में निवेश के लिये निवेशकों को आमंत्रित किया गया।

निवेशकों को जानकारी दी गई कि छत्तीसगढ़ राज्य के पूरे ग्रामीण परिदृश्य में बायोमास जैसे कि कृषि अपशिष्ट, डेयरी उद्योग से निकलने वाले अपशिष्ट, फल एवं सब्जी बाजारों के अपशिष्ट, गोबर की बहुतायत है, जिसका उपयुक्त तकनीक से प्रसंस्करण कर वृहद पैमाने पर ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की अपार संभावनायें हैं। यह प्रयास सफल होने पर राज्य में संचालित वृहद स्टील उद्योगों, खादय प्रसंस्करण इकाईयों, फर्टीलाईजर इकाई में ग्रीन हाइड्रोजन का उपयोग इन्डस्ट्रीयल एप्लीकेशन के रूप में किया जाएगा। इस तरह राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन वर्ष 2030 के लक्ष्य 05 मिलियन मीट्रिक टन उत्पादन की दिशा में छत्तीसगढ़ का अहम् योगदान निश्चित होगा तथा ऊर्जा संरक्षण की दिशा में आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में मदद मिलेगी।

सीबीडीए के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा सभी निवशकों को आश्वस्त किया कि राज्य की नवीन औद्योगिक नीति 2024-29 में हरित अर्थव्यवस्था के निर्माण हेतु निवेशकों को यथासंभव प्रोत्साहन मिलेगा, साथ ही राज्य में रोजगार के नवीन अवसर भी सृजित होंगे।

 

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