ममता बनर्जी डॉक्टरों के आगे झुकीं, कोलकाता के आला अधिकारियों को हटाया

राजेन्द्र देवांगन
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कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदर्शनकारी जूनियर डॉक्टरों के साथ बैठक के बाद घोषणा की कि वह डॉक्टरों की अधिकांश मांगों पर सहमत हो गई हैं. इसमें प्रमुख रूप से कोलकाता पुलिस आयुक्त विनीत कुमार गोयल और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को हटाना शामिल है.
मंगलवार को प्रदर्शनकारी डॉक्टरों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा, ‘जूनियर डॉक्टरों की मांग को देखते हुए कोलकाता पुलिस कमिश्नर विनीत कुमार गोयल ने बैठक में कहा है कि वह इस्तीफा देने के लिए तैयार हैं.’ उन्होंने कहा कि विनीत गोयल मंगलवार शाम 4 बजे नए पुलिस आयुक्त को कार्यभार सौंपेंगे. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने जूनियर डॉक्टरों की मांगों को स्वीकार करने का निर्णय लिया है.

सीएम बनर्जी ने कहा कि डिप्टी कमिश्नर नॉर्थ अभिषेक गुप्ता को भी हटाया जाएगा. उन्होंने कहा, ‘हमने जूनियर डॉक्टरों की बात सुनने की कोशिश की. हमने डीसी (कोलकाता पुलिस कमिश्नर) को बदलने का फैसला किया है. वह खुद इस्तीफा देने के लिए सहमत हो गए. स्वास्थ्य विभाग में उन्होंने 3 लोगों को हटाने की मांग की और हम 2 के लिए सहमत हो गए. हम 99 फीसदी मांगो पर सहमत हैं. हम और क्या कर सकते हैं? हमने जूनियर डॉक्टरों से काम पर वापस आने का अनुरोध किया है ताकि आम नागरिकों को परेशानी न हो.’
उन्होंने कहा, ‘हमने उनकी 4 में से 3 मांगें मान ली हैं. डीसी नॉर्थ (अभिषेक गुप्ता) को भी हटा दिया जाएगा और नए डीसी के बारे में कल फैसला लिया जाएगा. इसके अलावा डॉक्टरों की सुरक्षा का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा.’ यह बात पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) द्वारा कोलकाता के पुलिस कमिश्नर को हटाने और ममता सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में सभी वरिष्ठ अधिकारियों को बदलने की मांग के मद्देनजर कही गई.

सोमवार को पश्चिम बंगाल जूनियर डॉक्टर्स फ्रंट और रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (आरडीए) ने राष्ट्रीय राजधानी में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की और अपनी मांगें रखी. बता दें कि 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की घटना को लेकर डॉक्टरों आंदोलन किया. इस दौरान फ्रंट ने पांच सूत्री मांगें रखीं, जिनमें पीड़िता के लिए न्याय की मांग और मामले की जांच प्रक्रिया में तेजी लाना शामिल है.

उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के चिकित्सा शिक्षा निदेशक (DME), स्वास्थ्य सेवा निदेशक (DHS) और स्वास्थ्य सचिव को हटाने की भी मांग की. मोर्चे ने अक्षम और लापरवाह पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और प्रशासनिक विफलता और कथित सबूतों से छेड़छाड़ के लिए कोलकाता के पुलिस आयुक्त विनीत गोयल के साथ-साथ उत्तर और मध्य के पुलिस उपायुक्त को हटाने की मांग की.

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