महादेव सट्‌टा केस… सुनवाई में दाऊद इब्राहिम की एंट्री:छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में प्रमोटर के वकील बोले-ED ने गलत जानकारी दी; वारंट रद्द करें

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर। महादेव सट्टा एप मामले को लेकर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में शुक्रवार को तीसरे दिन लगातार सुनवाई हुई। इस दौरान ईडी ने अपना पक्ष रखा। अब 19 सितम्बर को मामले की सुनवाई होगी। इस दौरान बचाव पक्ष रिजाइंडर प्रस्तुत करेगा। रायपुर की विशेष अदालत द्वारा जारी गैर जमानती वारंट के खिलाफ महादेव सट्टा एप के संचालक और विदेशी नागरिक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल ने याचिका लगाई है।

मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की सिंगल बेंच में हो रही है। सुनवाई के दौरान टर्निंग पैंट भी आया। वह ऐसा कि महादेव सट्टा एप प्रमोटर-संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के गिरफ्तारी वारंट केस में मोस्ट वांटेड आतंकी दाऊद इब्राहिम के मामलों का जिक्र किया गया। आरोपियों के वकील ने सुनवाई के दौरान दाऊद से जुड़े एक केस का जिक्र करते हुए वारंट रद्द करने की मांग की। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि ईडी ने कोर्ट को गलत जानकारी दी। सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के खिलाफ ईडी कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। ईडी कोर्ट द्वारा जारी इसी वारंट को आरोपियों ने सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल और किशोर श्रीवास्तव के जरिए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की कोर्ट में सुनवाई चल रही हैl

ईडी पर गलत जानकारी देने का आरोप

रवि उप्पल के वकील ने किशोर श्रीवास्तव जज के सामने ईडी की एफआइआर में लिखी बातों को विस्तार पढ़ी। एफआइआर पढ़ने के दौरान ईडी पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया। रवि उप्पल के अधिवक्ता ने कहा कि एफआइआर में जिन बातों का उल्लेख है, उन बातों की एप्लीकेशन कोर्ट में सबमिट न्यायधीश ने नोटिस जारी करते समय कथित अभियुक्त बताया, लेकिन ईडी ने अपनी एफआइआर में अभियुक्त लिखा है। ये दोनों अलग-अलग बातें हैं। ईडी ने गलत जानकारी देकर कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी कराया है। इसे रद्द कर देना चाहिए। वकील किशोर श्रीवास्तव ने अपने तथ्यों को सही साबित करने के लिए पुराने कई केस का रिफ्रेंस दिया। इनमें से एक केस दाऊद इब्राहिम से जुड़ा हुआ भी है। वहीं ईडी की तरफ से अधिवक्ता डा सौरभ पांडेय और अधिवक्ता जोहेब हुसैन ने बहस की।

ईडी ने फ्रीज की है 580 करोड़ रुपए की संपत्ति

महादेव सट्टा एप केस में एक मार्च 2024 तक प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों ने कार्रवाई करके 580 करोड़ रुपए की संपत्ति फ्रीज की है। ईडी ने रायपुर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, इंदौर, गुरुग्राम के कुल 15 ठिकानों पर दबिश दी है।

एप से 6,000 करोड़ की हुई आय

ईडी करीब एक साल से महादेव ऐप से जुड़े मनी लान्ड्रिंग मामले की जांच कर रही है। आरोप है कि इसमें छत्तीसगढ़ के उच्च पदस्थ राजनेताओं और नौकरशाहों के शामिल होने का पता चला है। ऐप के दो मुख्य प्रमोटर भी छत्तीसगढ़ से ही हैं। ईडी के अनुसार, इस मामले में करीब 6,000 करोड़ रुपए की आय आंकी गई है।

ईडी के प्रतिवेदन पर ईओडब्ल्यू में इन लोगों पर एफआईआर दर्ज:

पूर्व सीएम भूपेश बघेल, सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल, शुभम सोनी, चंद्रभूषण वर्मा, आसीम दास, सतीश चंद्राकर, नीतीश दीवान, अनिल कुमार अग्रवाल, विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहूजा, धीरज आहूजा, अनिल कुमार दम्मानी, सुनील कुमार दम्मानी व भीम सिंह यादव।

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