पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी : लंबे समय से सक्रिय एक कुख्यात नक्सली ने पुलिस के समक्ष किया आत्मसमर्पण, कई घटनाओं में रहा शामिल

राजेन्द्र देवांगन
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सुकमा। जिला में चलाया जा रहे छत्तीसगढ़ शासन की ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ एवं ‘‘नियद नेल्ला नार’’ योजना से प्रभावित होकर एक हार्डकोर नक्सली वाडम सम्मू उर्फ समैया पेद्दाबोड़केल आरपीसी मिलिशिया सदस्य ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया है। बता दें अति संवेदनशील अंदरूनी क्षेत्रों में लगातार कैम्प स्थापित होने से पुलिस के बढ़ते प्रभाव व नक्सलियों के अमानवीय, आधारहीन विचारधारा एवं उनके शोषण, अत्याचार तथा बाहरी नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने।

स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर समाज की मुख्यधारा में जुड़ने की उद्देष्य से नक्सली संगठन में सक्रिय 1 वाडम सम्मू उर्फ समैया पेद्दाबोड़केल आरपीसी मिलिशिया सदस्य के द्वारा पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में निरीक्षक अविलाष टण्डन, प्रभारी डीआरजी सुकमा एवं निरीक्षक सुजित कुमार, 223 वाहिनी सीआरपीएफ के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित माओवादी नक्सल संगठन में जुड़कर विभिन्न नक्सली गतिविधियों जैसे पुलिस गस्त पार्टी की रेकी कर हमला करना, पुलिस पार्टी के आने-जाने वाले मार्गों पर स्पाईक/बम लगाना, मुख्य मार्गों को खोदकर मार्ग अवरूद्ध करना, शासन-प्रशासन के विरूद्ध बेनर, नक्सली पर्चा-पाम्पलेट लगाने एवं अन्य घटनाओं में शामिल रहा है।उक्त आत्मसमर्पित नक्सली को ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवाद उन्मूलन एवं पुनर्वास नीति’’ के तहत् सहायता राशि व अन्य सुविधायें प्रदाय कराये जायेंगे।

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