छत्तीसगढ़ में सरकारी स्कूल के शिक्षकों की लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है।

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में शिक्षकों की लापरवाही सामने आई है। ताजा घटनाक्रम बिलासपुर के जनपद प्राथमिक शाला कुकुर्दी केरा का है। शनिवार को ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर शिवराम टंडन ने स्कूल का आकस्मिक निरीक्षण किया।

सुबह 8 बजे किए गए निरीक्षण के दौरान पाया गया कि स्कूल में कार्यरत सभी 6 शिक्षक अनुपस्थित थे। पूर्व में भी इस स्कूल में शिक्षकों की ऐसी लापरवाही दर्ज की जा चुकी है, जिसके चलते यह औचक निरीक्षण किया गया था।

स्कूल सुबह साढ़े 7 बजे से स्कूल शुरू होना चाहिए था, लेकिन शाला खुलने के डेढ़ घंटे बाद तक एक भी शिक्षक नहीं पहुंचा। करीब 9 बजे शिक्षक कन्हैया लाल अदीले पहुंचे, जबकि अन्य शिक्षक पूरे निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित रहे।

पहले भी हुई कार्रवाई, लेकिन कोई असर नहीं

ब्लॉक एजुकेशन ऑफिसर शिवराम टंडन ने बताया, यहां पहले भी शिक्षकों की अनियमितता सामने आ चुकी है। शिक्षकों को चेतावनी दी गई थी और वेतन काटा गया था।

शाला के प्राचार्य लक्ष्मीकांत केशकर का वेतन भी रोका गया है। बावजूद इसके इस स्कूल के शिक्षकों की अनुपस्थिति यह दर्शाती है कि अब इन्ही किसी का डर नहीं रह गया है।

पढ़ने नहीं, दफ्तर में बैठने आते हैं

स्कूल के शिक्षा व्यवस्था की पोल तब खुली जब निरिक्षण को पहुंचे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने छात्रों से पूछताछ की कि शिक्षक कब आते है और क्या पढ़ते हैं? अधिकारी के सवाल पर छात्रों ने बताया कि शिक्षकों द्वारा नियमित रूप से पढ़ाई नहीं करवाई जाती है, शिक्षक केवल ऑफिस में बैठे रहते है। वहीं, स्कूल हर दिन निर्धारित समय से पहले, लगभग 3:30 बजे ही बंद कर दिया जाता है।

Share This Article