शिक्षक दंपति जोगेन्द्र और अरुणा यादव निलंबित, ठगी में 70 लोगों से 3 करोड़ रुपये की वसूली

राजेन्द्र देवांगन
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जगदलपुर। लगभग 3 करोड़ रुपये की ठगी करने के आरोप में जेल में बंद शिक्षक दंपती जाेगेन्द्र यादव और अरुणा यादव को संचालक लोक शिक्षण ने निलंबित कर दिया है। निलंबन का आदेश 12 अगस्त काे जारी किया गया।

बता दें कि मामला सामने आने के बाद संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण बस्तर से जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। जांच रिपोर्ट जनवरी में ही भेज दी गई थी, लेकिन निलंबन की कार्रवाई लंबित थी। जारी आदेश में निलंबन की कार्रवाई 7 माह पहले 4 जनवरी 2024 की तिथि से मान्य की गई है।

पैसा दोगुना करने के नाम पर ठगी

जांच रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक दंपती द्वारा पैसा दोगुना करने के नाम पर परिचितों व साथी शिक्षकों से पैसा जमा कराया जाता था। यह काम बीसी खेलने के बाद शिक्षक दंपती कई सालों से कर रहे थे। ठगी का मामला जब सामने आया, उस समय जोगेन्द्र यादव शासकीय हाईस्कूल बंडापारा विकासखंड जगदलपुर में प्रभारी प्राचार्य (मूल पद व्याख्याता एलबी) के पद पर कार्यरत थे। उनकी पत्नी अरूणा यादव शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तितिरगांव में व्याख्याता एलबी के पद पर कार्यरत थी।

3 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी

दोनों पति-पत्नी के विरूद्ध 70 लोगों से तीन करोड़ रुपये की ठगी करने की शिकायत मिली थी। जिसकी जांच पुलिस द्वारा की गई और शिकायत को सही पाए जाने पर अपराध पंजीबद्ध कर दोनों को तीन जनवरी 2024 को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया था।

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