कांकेर जिला और यहाँ के प्रसिद्ध स्थल

राजेन्द्र देवांगन
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कांकेर जिला और यहाँ के प्रसिद्ध स्थल: पहले कांकेर पुराने बस्तर जिले का एक हिस्सा था। लेकिन 1998 में कांकेर को एक जिला के रूप में पहचान मिली।

कांकेर 20.6-20.24 के रेखांश के भीतर स्थित है और अक्षांश 80.48-81.48 है। जिले का कुल क्षेत्रफल लगभग 5285.01 वर्ग किलोमीटर है। पूरे पहाड़ी इलाके में छोटी पहाड़ी इलाकों को देखा जाता है। मुख्य रूप से पांच नदियों में जिले के माध्यम से बहती हैं-दूध नदी, महानदी, हटकुल नदी, सिंदुर नदी और तुरु नदी।

कांकेर जिला और यहाँ के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल
कांकेर पैलेस
महल में आकर्षक आंतरिक और बाहरी डिज़ाइन हैं जो सभी हिस्सों से पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। आपको अपने दोस्तों और परिवार के साथ खूबसूरत दर्शनीय स्थलों की यात्रा का अनुभव देने के लिए महल के चारों ओर कई खूबसूरत परिदृश्य मौजूद हैं।

कांकेर पैलेस का निर्माण कब हुआ था ?

निर्माण ब्रिटिश काल में हुआ था

कांकेर पैलेस क्यों प्रसिद्ध है ?
इस रॉयल पैलेस कांकेर में आपको मुस्लिम और हिंदू दोनों समुदाय देखने को मिलेंगे।
इसमें सुंदर हिंदू मंदिर और मुस्लिम मस्जिदें शामिल हैं।

चर्रे-मर्रे जलप्रपात
जिला मुख्यालय कांकेर से लगभग 85 किलोमीटर तथा अंतागढ़ ब्लाक से करीब 17 किलोमीटर दूर आमाबेड़ा के रास्ते पर जोगी नदी पर चर्रे-मर्रे जलप्रपात स्थित है। झरने का मुख्य स्रोत जोगीधारा नदी है। इस जलप्रपात की खास बात यह है की जब इस झरने का पानी नीचे गिरत है कुंडों के रूप में इकट्ठा होता है, जो अधिक मनोहर दिखाई देता है।

चर्रे-मर्रे जलप्रपात
चर्रे-मर्रे जलप्रपात
छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा जलप्रपात कौन सा है?

छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा जलप्रपात चित्रकोट का जलप्रपात है।

जलप्रपात का मतलब क्या होता है?
किसी नदी या किसी प्रकार से बहुत अधिक पानी किसी पहाड़ से लगातार नीचे गिरता है तब उसे जलप्रपात कहा जाता है।

गड़िया पर्वत
गड़िया पर्वत कंडरा राजवंश के समय प्रकाश में आया। जब कंडरा राजा धर्म देव ने कांकेर को जीत लिया। उसने गढ़िया पर्वत पर अपनी राजधानी घोषित की, जो एक किले का प्राकृतिक रूप है। पहाड़ पर एक तालाब है जो कभी नहीं सूखता और इसमें पूरे साल पानी भरा रहता है। इस तालाब के एक भाग को सोनाई तथा दूसरे भाग को रूपाई कहा जाता है। दरअसल सोनाई और रुपाई कंदरा राजा धर्म देव की दो बेटियां थीं। कांकेर जिले का सबसे ऊँचा पर्वत गड़िया पर्वत है। इसे किला डोंगरी के नाम से जाना जाता है.कांकेर जिला छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र में स्थित है। गड़िया पर्वत के नीचे दूध नदी बहती है।

गड़िया पर्वत की उचाई कितनी है ?
जमीन से इस पहाड़ की ऊंचाई करीब 660 फीट है.

कांकेर जिले का सबसे ऊँचा पर्वत कौन सा है ?
कांकेर जिले का सबसे ऊँचा पर्वत गड़िया पर्वत है।

मां शिवानी मंदिर
देवी की मूर्ति उत्तम है। एक मिथक के अनुसार यह देवी दो देवी नाम काली मां और दुर्गा मां का मेल है। इस मंदिर में देवी दो देवी दुर्गा मां और काली मां का संयोजन है। पूरे विश्व में इस प्रकार की प्रतिमा की संख्या मात्र दो है जिसमे देवी काली का लंबवत आधा भाग और शेष आधा भाग देवी दुर्गा का है। एक तो कंकर में है और दूसरा कोलकाता में

छत्तीसगढ़ का सबसे पुराना मंदिर कौन सा है?
छत्तीसगढ़ का सबसे पुराना मंदिर लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर है, जो शिवरीनारायण से 3 किलोमीटर और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से 120 किलोमीटर दूर खरौद नगर में स्थित है।

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