भारी बारिश से बाढ़-भूस्खलन से पूर्वोत्तर में तबाही, मिजोरम में 29 ने गंवाई जान, असम में 3.5 लाख लोग प्रभावित

राजेन्द्र देवांगन
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नेशनल न्यूज़। चक्रवात रेमल की वजह से मणिपुर, असम और मिजोरम जैसे राज्यों में तबाही जैसे मंजर हैं। राज्य की इंफाल घाटी में भारी बारिश के कारण आई बाढ़ से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं। इंफाल नदी के उफान पर होने से कई इलाकों में पानी भर गया है। वहीं, मिजोरम के कोलासिब जिले के तलावंग नदी से एक 34 साल की महिला का शव मिला है। इससे भूस्खलन में मरने वालों की संख्या बढ़कर 29 हो गई है। इसके अलावा असम में बाढ़ से हालात गंभीर बने हुए हैं। यहां के 11 जिलों में 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं।

महिला का पति अभी भी लापता
बता दें, मिजोरम से जिस महिला का शव मिला है, उसकी पहचान वलालरुअली के रूप में हुई है। दरअसल, आइजोल जिले के एवाक गांव में मंगलवार को एक भूस्खलन हुआ था। उसके बाद से ही महिला और उसका पति लापता था। अब असम की सीमा से लगे कोलासिब जिले के होरटोकी गांव में शुक्रवार को महिला का शव नदी में मिला।

पुलिस ने बताया कि नदी से निकाले जाने के बाद उसके शव को कानपुई ले जाया गया और उसके परिवार के सदस्यों ने उसकी पहचान की पुष्टि की। पांच अन्य लापता व्यक्तियों की तलाश चल रही, जिनमें से चार मेल्टहम से हैं। इनमें एक छह महीने का बच्चा भी शामिल है।

आइजोल जिले में मंगलवार को भूस्खलन में कई मौतें हुईं। मृतकों में 21 स्थानीय थे जबकि आठ झारखंड और असम के प्रवासी थे।

असम में बाढ़ से हालात खराब
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि असम में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। यहां 11 जिलों में 3.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। चक्रवात रेमल के बाद लगातार बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में सड़क और रेल यातायात बाधित रहा।

एक आधिकारी ने कहा कि सबसे ज्यादा कछार जिला प्रभावित हुआ है। यहां खराब मौसम को देखते हुए आज सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहे।

साढ़े तीन लाख लोग प्रभावित
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार कार्बी आंगलोंग, धेमाजी, होजई, कछार, करीमगंज, डिब्रूगढ़, नगांव, हैलाकांडी, गोलाघाट, पश्चिम कर्बी आंगलांग और दीमा हसाओ जिलों में करीब 3.5 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 30,000 लोगों ने राहत शिविरों में शरण ली है, जबकि विभिन्न बचाव एजेंसियां उन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रही हैं।कछार जिला सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 1,19,997 लोग प्रभावित हुए हैं। इसके बाद नगांव में 78,756, होजाई में 77,030 और करीमगंज में 52,684 हैं।

राज्य में बाढ़, बारिश और तूफान से 28 मई से अब तक मरने वालों की संख्या 12 हो गई है। लगातार बारिश से बराक घाटी और दीमा हसाओ में रेल और सड़क यातायात बाधित हुआ है।

मेघालय में बह गया राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा
मेघालय में राष्ट्रीय राजमार्ग का एक हिस्सा बह जाने के कारण वाहन फंसे हुए हैं, जिससे बराक घाटी में राज्य और क्षेत्र के बाकी हिस्सों के साथ सड़क संपर्क टूट गया है। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के प्रवक्ता के अनुसार कई ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है या उन्हें गंतव्य से पहले ही रोक दिया गया है। इस बीच, भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवात रेमल के प्रभाव के कारण दक्षिण-पश्चिम मानसून अपने निर्धारित समय से पहले असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में प्रवेश कर गया है। राज्य के विभिन्न जिलों में भारी बारिश और आंधी का अनुमान जताया गया है।

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