बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट में इस बार 82.91 प्रतिशत पास; देखें, 10वीं का बिहार टॉपर कौन…!

राजेन्द्र देवांगन
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बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट में इस बार 82.91 प्रतिशत पास; देखें, 10वीं का बिहार टॉपर कौन…!
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने रविवार को दोपहर डेढ़ बजे मैट्रिक परीक्षा 2024 का रिजल्ट जारी किया। उन्होंने बताया कि पूरे देश में इस बार भी सबसे पहले बिहार बोर्ड का रिजल्ट जारी किया गया। इस बार परीक्षा में शामिल हुए 16.91 परीक्षार्थियों में से 13 लाख 79 हजार 542 छात्र पास हुए। इसमें 6.99 लाख छात्राएं हैं।
बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि इस बार कुल रिजल्ट 82.99 प्रतिशत रहा। बिहार बोर्ड ने इस बार अधिकतम प्राप्तांक वाले शीर्ष पांच की सूची बनाकर जारी की है। इसमें 489 नंबर हासिल कर पूर्णिया के जिला स्कूल के छात्र शिवांकु कुमार स्टेट टॉपर बने हैं। इन्हें लैपटॉप के साथ एक लाख रुपये की नगद राशि दी जाएगी। वहीं दूसरे स्थान पर वी हाई स्कूल मोबाजितपुर नॉर्थ समस्तीपुर के आदर्श कुमार रहे। इन्हें 488 नंबर मिले। इन्हें लैपटॉप के साथ 75 हजार रुपये की नगद राशि दी जाएगी।
टॉप टेन में 51 स्टूडेंट, समस्तीपुर के आदर्श दूसरे स्थान पर
बिहार बोर्ड ने जो रिजल्ट जारी किया है, उसमें टॉप टेन में 51 स्टूडेंट शामिल हैं।  जैसा बताया था कि सिमुलतला आवासीय विद्यालय का भी इस बार टॉपर होगा, रिजल्ट वही आया है। तीसरे स्थान पर चार परीक्षार्थी रहे हैं। इनमें सिमुलतला आवासीय विद्यालय जमुई के आदित्य कुमार न्यू अपग्रेडेड हाई स्कूल सिद्धपुर शाही लदनिया मधुबनी के सुमन कुमार पूर्वे, उच्च माध्यमिक विद्यालय हस्सेपुर एकमा सरण की पलक कुमारी और एसएमटी हाई स्कूल वैशाली की साजिया परवीन का नाम है।
साढ़े चार लाख से अधिक छात्रों ने फर्स्ट डिवीजन में सफलता पाई

बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने कहा कि इस बार 10वीं की परीक्षा में चार लाख 52 हजार 302 छात्रों ने फर्स्ट डिवीजन में सफलता पाई है। वहीं पांच लाख 24 हजार 965 छात्र सेकेंड डिवीजन में पास हुए। वहीं तीन लाख 80 हजार 732 छात्रों ने थर्ड डिवीजन में पास हुए।
शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार आई है, आईटी टूल्स विकसित किए गए
आनंद किशोर ने कहा कि विगत वर्षों में शिक्षा व्यवस्था में काफी बदलाव आया है। शिक्षकों की बड़े पैमाने में नियुक्ति से शिक्षा के गुणवत्ता में सुधार आई है। पिछले कई वर्षों से कई नए सॉफ्टवेयर और आईटी टूल्स बिहार बोर्ड द्वारा विकसित किए गए हैं। टॉपर वैरिफिकेशन में इन एडवांस तकनीक का उपयोग किया जाता है। ताकि टॉपर्स के चयन में किसी तरह की कोई गलती न हो।

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