कृषि महाविद्यालय में आयोजित किया गया लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी विषय पर परिसंवाद कार्यक्रम…

राजेन्द्र देवांगन
6 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

कृषि महाविद्यालय में आयोजित किया गया लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी विषय पर परिसंवाद कार्यक्रम

राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई की पहल

बिलासपुर – युवा शक्ति देश और समाज की रीढ़ होती है l युवा किसी भी देश या समाज को नए शिखर पर ले जाने की क्षमता रखते हैं l युवा देश और समाज के जीवन मूल्यों के प्रतीक हैं l समाज को बेहतर बनाने और राष्ट्र निर्माण में सर्वाधिक योगदान युवाओं का होता है l छात्रों और युवाओं की राजनीति में भागीदारी का सवाल पिछले कई वर्षों से चर्चा का विषय रहा है l

उक्त उदगार डॉ. आर. के.एस. तिवारी, अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय बिलासपुर ने जी 20 शिखर सम्मेलन 2023 के अंतर्गत युथ 20 के समग्र ढांचे के तहत राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा “लोकतंत्र में युवाओं की भागीदारी” विषय पर आयोजित परिसंवाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि की आसंदी से व्यक्त किया l

डॉ. तिवारी ने आगे कहा कि आज भारत सरकार का पूरा ध्यान युवाओं को मुख्यधारा का हिस्सा बनाते हुए उनके सहभागिता के माध्यम से विकास पर केंद्रित है, ताकि युवा देश के विकास के लिए अपना सक्रिय योगदान प्रदान करें न कि केवल उसका एक हिस्सा बनकर रह जाए l
आयोजन पर प्रकाश डालते हुए रासेयो कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स ने बताया कि युथ 20, जी-20 के तहत एक ऑफिशियल यंग ग्रुप है जिसका उद्देश्य जी-20 देशों के युवा लीडरों को एक मंच प्रदान करना है, जहां से वह अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सके l इसी के तहत पूरे देश भर में विभिन्न प्राथमिकता वाले विषयों पर परिसंवाद का आयोजन किया जा रहा है l ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से युथ जेनरेशन में लीडरशिप का विकास होगा, जो उन्हें आगे चलकर अपने देश का या किसी बड़े संगठन के नेतृत्व के लिए तैयार करेंगे l


परिसंवाद कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. आर.के.एस. तिवारी एवं अन्य अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया l
परिसंवाद कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त करते हुए तृतीय वर्ष की छात्रा अमिता शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र या प्रजातंत्र एक ऐसी शासन प्रणाली है जिसके अंतर्गत जनता अपनी स्वेच्छा से निर्वाचन में आए हुए किसी भी उम्मीदवार को मत देकर अपना प्रतिनिधि सुन सकती है l युवाओं की भारतीय लोकतंत्र में भागीदारी को कभी भी गंभीरता से नहीं लिया गया l तो प्रश्न उत्पन्न होता है कि इतनी बड़ी आबादी को देश के विकास से दूर रखना क्या उचित था? द्वितीय वर्ष की छात्रा शुभांगी तिवारी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में, दुनिया भर में लोकतंत्र तेजी से परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है l युवा अपनी जवाबदारी समाज एवं देश के प्रति समझे तथा देश के निर्माण में अपनी भागीदारी करें l तृतीय वर्ष की छात्रा वैदेही देवांगन ने कहा कि वर्तमान में युवाओं के लोकतंत्र में बढ़ती रूचि और अपने सवालों के जवाबों के प्रति बड़ी प्रतिबद्धता भारतीय लोकतंत्र के लिहाज से एक सुखद अनुभव है तथा इस बात का सूचक है कि भारत की संस्कृति, भविष्य और लोकतंत्र का दायित्व अब एक मजबूत कंधों पर हैं l तृतीय वर्ष के छात्र रघुवीर सिंह राजपूत ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सुशासन और प्रभावी लोकतंत्र का नया प्रतिमान सहभागी शासन है जिस हेतु युवाओं को लोकतांत्रिक निर्णय लेने की प्रक्रिया का हिस्सा बनना समय की मांग है l चतुर्थ वर्ष के छात्र अंकित दुबे ने कहा कि युवाओं का चुनाव के प्रति प्रत्यक्ष एवं परोक्ष दोनों ही रूप में बड़ी रूचि का असर आज हमारे सामने है और अब वह दिन भी दूर नहीं जिस दिन आज का युवा अपने भविष्य, इच्छा और आकांक्षाओं के साथ अपने को देश के विकास के मुख्य धारा से जोड़कर भारत को फिर से विश्व गुरु बनाने की दिशा में अग्रसर होगा l चतुर्थ वर्ष के छात्र शुभम महतो ने कहा कि समावेशी निर्णय लेने की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लेने के कम अवसर और जोखिम के परिणामस्वरूप युवा पुरुष और महिलाएं अपने समुदायों और समाजों में अलग-थलग और हाशिए में महसूस करते हैं l अपनी खुद की विरासत को आकार देने के लिए इस अत्यंत सामयिक मुद्दे पर वैश्विक सहमति बनाने का यही सही समय है l
कार्यक्रम का सफल संचालन रासेयो कार्यक्रम अधिकारी अजीत विलियम्स ने किया l अंत में आभार रासेयो कार्यक्रम अधिकारी अर्चना केरकट्टा ने व्यक्त किया l आज के आयोजन में कृषि महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक गण, वैज्ञानिक, कर्मचारी बंधु एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे l

Share This Article