पूर्व मंत्री के बिगड़े बोल: सत्यनारायण शर्मा बोले – पूरे देश में एक साथ बंद हो शराब, ऐसा नहीं हुआ तो तस्करी होगी

राजेन्द्र देवांगन
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पूर्व मंत्री के बिगड़े बोल: सत्यनारायण शर्मा बोले – पूरे देश में एक साथ बंद हो शराब, ऐसा नहीं हुआ तो तस्करी होगी

ब्यूरो रिपोर्ट मनोज शुक्ला

छत्तीसगढ़ में पूर्ण शराबबंदी पर कांग्रेस का एक नया स्टैंड आया है। कांग्रेस विधायक और शराबबंदी का सुझाव देने के लिए बनी राजनीतिक समिति के अध्यक्ष सत्यनारायण शर्मा ने सोमवार को इस पर बात की। उन्होंने कहा, अगर प्रभावी शराबबंदी करनी है तो उसका एक ही तरीका है कि पूरे देश में इसे बंद कर दिया जाए। अगर एक राज्य में बंद हुआ तो पड़ोसी राज्यों से तस्करी होगी। फिर उसे कौन रोकेगा?

रायपुर के बांसटाल स्थित अपने निवास पर पत्रकारों से बात करते हुए विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा, छत्तीसगढ़ के किसी पड़ोसी राज्य में शराबबंदी नहीं है। यहां एकाएक शराबबंदी कर भी दी जाए तो उन राज्यों से अवैध शराब का आना शुरू हो जाएगा। ऐसे में शराब में मिलावट और जहरीली शराब जैसी गंभीर समस्याएं भी खड़ी हो जाएंगी।

सत्यनारायण शर्मा ने शराबबंदी के कुछ उदाहरण भी गिनाए। उन्होंने कहा, हरियाणा में एक बार 21 महीने के लिए शराबबंदी हुई थी। इस दौरान शराब से संबंधित एक लाख से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हुए। अवैध शराब की 13 लाख से अधिक बोतलें जब्त हुईं वहीं जहरीली शराब की घटना में 60 लोगों की मौत हुई। बिहार ने 2016 में शराबबंदी की। परिणाम यह हुआ कि उसी साल वहां के गोपालगंज जिले में अवैध शराब पीने की वजह से 15 लोगों की मौत हो गई।

बिहार में इस साल 50 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पिछले साल 39 लोगों की मौत जहरीली शराब पीने की वजह से हुई थी। अवैध शराब बेचने, लाने-ले जाने और पीने के मामले में बिहार में छह लाख 32 हजार लोगों पर केस हुआ है। वहां पूरे प्रदेश में ऊंची दर पर शराब बिक रही है। इसकी वजह से पुलिस में भ्रष्टाचार बढ़ा है। वहां की अदालतों में अवैध शराब के ही ढाई लाख से अधिक केस लंबित हैं जो न्यायपालिका की क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं।

विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा, गुजरात जैसे पूर्ण शराबबंदी वाले राज्य में भी करीब 150 लोग जहरीली शराब की वजह से मर गए। उन्होंने कहा, शराबबंदी के मुद्दे पर राजनीति ठीक नहीं है। अगर सफल शराबबंदी करनी है तो पूरे देश में एक साथ बंद करना होगा। तभी तस्करी पर भी लगाम लगेगी।

जनता चाहेगी तो कोई सरकार नहीं रोक पाएगी

विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा, पिछली बार उन्होंने कहा था कि शराबबंदी जनता का मुद्दा नहीं है। इसको लोग खासकर भाजपा समझ नहीं पाई। जनता की भागीदारी के बिना शराबबंदी नहीं हो पाएगी। अगर जनता शराबबंदी चाहती है तो कोई सरकार उसे लागू करने से रोक नहीं पाएगी।

यहां सरकार अच्छाई-बुराई परख रही है

विधायक सत्यनारायण शर्मा ने कहा, छत्तीसगढ़ में सरकार शराब को हतोत्साहित कर रही है। अब तक शराब की 50 दुकानें बंद कराई जा चुकी हैं। 49 बीयर बार-रेस्टोरेंट बार बंद हुआ है। राज्य सरकार शराबबंदी को लेकर गंभीर प्रयास कर रही है। विभिन्न राज्याें की शराबनीति का भी अध्ययन जारी है। उनकी अच्छाई-बुराई को परखा जा रहा है। शराबबंदी वाले विभिन्न राज्यों को लिखा गया है, उनकी अनुमति मिलते ही राजनीतिक समिति के लोग वहां जाकर जमीनी स्थिति भी देखेंगे।

विधायक सत्यनारायण शर्मा शराबबंदी के मुद्दे को लेकर भाजपा पर भी हमलावर हुए। उन्होंने कहा, जो भाजपा नेता शराबबंदी का नारा देते हैं वे अपने 15 साल के शासन में इस घोषणा को अमल में क्यों नहीं ला पाए। शर्मा ने कहा, अभी वे लोग गंगाजल यात्रा निकाल रहे हैं। इससे अच्छा होता वे लोग जनता के बीच शराब की बुराई बताने वाली जागरुकता यात्रा निकालते। इस मामले में सामाजिक जागरुकता ही सबसे महत्वपूर्ण है। लोग शराब से दूर होंगे तो इसको बंद करना आसान हो जाएगा

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