गांव के पास मिला बाघ के पंजों के निशान, ग्रामीणों में दहशत

राजेन्द्र देवांगन
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गांव के पास मिला बाघ के पंजों के निशान, ग्रामीणों में दहशत

मों रज्जब : ब्यूरो चीफ बिलासपुर

सवितर्क न्यूज़ कोटा : पटैता बैरियर के करीब बाघ की हलचल के संकेत मिले है। बैरियर से लगे गांव के पास पंजों के निशान भी मिले हैं। इसके बाद गांव में दहशत का माहौल है। चूंकि यह वन क्षेत्र वन विकास निगम का है। निगम ने इसकी सूचना अचानकमार टाइगर रिजर्व प्रबंधन को दी। वहां से एक टीम भेजी गई है। जिन्होने पंजो के निशान के संबंध में जानकारी एकत्र की।आज रविवार को आसपास सर्चिंग की जा रही है।,

ताकि बाघ की लोकेशन स्पष्ट हो सके।इसके आधार पर ही वहां ट्रैप कैमरे लगाए जाएंगे।अचानकमार टाइगर रिजर्व के कोर जोन के अलावा बफर में भी लगातार बाघों की गतिविधियां देखने सुनने को मिल रही हैं। कई बार बाघ के पंजों के निशान के अलावा मवेशियों के शिकार करने की घटना सामने आई है। हालांकि यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व के बफर क्षेत्र में नहीं आता। पर उससे लगा हुआ है। जब कुछ ग्रामीणों ने इसकी सूचना वन विकास निगम को दी तो अधिकारी व कर्मचारी सकते में आ गए।मौके पर पहुंचे और सूचना स्पष्ट की। इसके बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन को जानकारी दी गई। वहां से स्पेशल टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स की टीम और अन्य स्टाफ मौके पर पहुंचे। सभी ने टीम बनाकर संयुक्त जांच की। पंजों के निशान को देखकर यह माना जा रहा है कि यह बाघ के पंजे हैं। पर यह बताया जा रहा है कि बाघ की इस क्षेत्र में कई दिनों से गतिविधि है। शिवतराई के जंगल से इसे क्षेत्र में पहुंचा है।मुनादी कर ग्रामीणों को किया सचेत शाम को घर से बाहर नहीं निकलने कहा गया।गांव के आसपास बाघ की हलचल से ग्रामीणों में दहशत है। उसे देखते हुए शनिवार शाम को ही गांव में मुनादी कराई गई। इस दौरान ग्रामीणों से कहा गया कि शाम होने के बाद घर से बाहर न निकलें। इसके अलावा बच्चों को भी अकेले घर से बाहर निकलने के लिए न दें।

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