अरपा नदी पर क्यों बने हैं एनीकट.. पानी रोकने के लिए या भ्रष्टाचार का खेल खेलने के लिए..

राजेन्द्र देवांगन
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अरपा नदी पर क्यों बने हैं एनीकट..पानी रोकने के लिए या भ्रष्टाचार का खेल खेलने के लिए..

(मोहम्मद रज्जब)

बिलासपुर : जल संसाधन संभाग कोटा अंतर्गत निर्मित चाहे एनीकट हो या फिर डेम या नहरें इनको भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है, क्योंकि जिन उद्देश्यों को लेकर शासन के करोड़ों रुपए खर्च कर इन्हें बनाया गया है, उसके क्षतिग्रस्त होने पर जिम्मेदार अधिकारी गुणवत्ताविहीन और भ्र्ष्टाचार युक्त निर्माण मामले से पल्ला झाड़ते हुए खुद को और ठेकेदार को बचाते नज़र आते हैं। चाहे वो मामला अरपा भैसाझार से जुड़ा हो या किसी एनीकट का। जी हाँ हम बात कर रहे हैं कोटा जल संसाधन संभाग अंतर्गत आदिवासी बहुल क्षेत्र के ग्राम केकराडीह में अरपा नदी पर करोड़ों रुपए की लागत से निर्माण कराए गए एनीकट की जिस पर बना सीसी रोड टूट कर उखड़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि अरपा नदी में बने एनीकट अधिकारियों व ठेकेदार द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का पोल खुल गया।

इस एनीकट निर्माण के लिए प्रशासकीय स्वीकृति जिन के साथ मिली थी वह उद्देश्य था कि वर्षा ऋतु के जल को संग्रहित कर क्षेत्र में भू जल स्तर को बढ़ाना,पेयजल की कमी को दूर करना,मवेशियों को पीने का पानी उपलब्ध कराना,निस्तारी की व्यवस्था बनाना एवं फसलों के लिए सिंचाई क्षमता को बढ़ाना किंतु उपरोक्त किसी भी उद्देश्य में जल संसाधन संभाग को सफलता नहीं मिली, सिवाय ग्रामीणों के आवागमन को छोड़ कर, वह भी सीसी रोड के पूरी तरह टूट जाने से बंद हो गई है।

हाल ही में हुई लगातार बारिश से अरपा नदी में आई बाढ़ ने ना केवल गुणवत्ता विहीन निर्माण वरन अधिकारी और ठेकेदार द्वारा की गई भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी।दरसअल मामल कोटा जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत रतखण्डी केकराडीह,बरर में बने करोड़ों की लागत से एनिकट डैम का है,बाढ़ से एनिकट के ऊपर बने सीसी रोड की एक परत ही उखड़ गई,सीसी रोड उखड़ने के बाद भी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा संज्ञान में नहीं लिए जाने से वहां से रेत से भरी ट्रैक्टर ट्राली का आना जाना लगा हुआ है, जिससे कभी भी एनीकट को नुकसान और कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकता है।इस मामले को लेकर जब कोटा सिचाई विभाग के जिम्मेदार अधिकारी कार्यपालन अभियंता कोटा संभाग के अशोक तिवारी से उनका पक्ष जानना चाहा तो उनका कहना था तेज बारिश के कारण बाढ़ से बह गया है रिपेयरिंग कराया जाएगा।बहरहाल देखने वाली बात है कि एनिकट डैम में हुई भ्रष्टाचार को अधिकारी रिपेयरिंग कराने की बात तो कह रहे हैं, उखड़ी हुई सीसी रोड को तस्वीरों में देखकर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि करोडों की लागत से की गई एनीकट निर्माण में किस तरह जमकर भ्रष्टाचार किया गया है।अंत में एक सवाल यह खड़ा होता है कि एनीकट के रखरखाव के लिए जिम्मेदार अधिकारी और जल संसाधन संभाग कोटा का निगरानी तंत्र इतने सालों से उसके रख रखाव के लिए कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया!

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