नई तकनीक : रेल पुल डूबने से पहले मोबाइल पर मिलेगा अलर्ट मैसस,मॉनिटरिंग

राजेन्द्र देवांगन
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नई तकनीक : रेल पुल डूबने से पहले मोबाइल पर मिलेगा अलर्ट मैसस,मॉनिटरिंग

तारिणी राठौर जांजगीर चांपा
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) नई तकनीक की ओर आगे बढ़ा है। बारिश के दिनों में रेलवे पुल डूबने का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए चाम्पा के हसदेव नदी के पुल समेत बिलासपुर और नागपुर रेल डिवीजन के 11 पुलों पर सेंसरयुक्त वाटर लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम लगा दिया गया। जो सीधे अफसरों के मोबाइल फोन से कनेक्ट है, पुल डूबने से पहले उन्हें अलर्ट का मैसेज मिल जाएगा।अफसरों के अनुसार रेलवे पुलों पर नदियों का जलस्तर मापने के लिए मीटर गेज की जगह नई तकनीक वाटर लेवल मॉनीटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है। सेंसर युक्त इस नए उपकरण से जलस्तर की पूरी जानकारी तुरंत मिलेगी। अभी 11 रेलवे पुलों पर लगाया है। अन्य रेलवे पुलों पर भी इसे लगाने की योजना है।इस तरह काम करता है यह सिस्टम
नदियों के जलस्तर को मापने की पारंपरिक गेज पद्धति का अभी तक रेलवे उपयोग कर रहा था। परंतु अब सेंसरयुक्त यह सिस्टम ट्रैक मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ा है। इसमें एक चिप लगी है। उसमें पुल से संबद्ध सहायक मंडल इंजीनियर, कार्य निरीक्षक और रेल पथ निरीक्षक के मोबाइल नंबर दर्ज रहते हैं। पुल पर जलस्तर बताने वाले स्केल को सेंसर सिस्टम रीड करता रहता है। जब जलस्तर खतरे के निशान से बढ़ता या घटता है तो यह मशीन स्वत: संबंधित इंजीनियरों व अधिकारियों को एसएमएस भेजता है।

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