न्यायधानी में इंसाफ के लिए भटक रही है रेप पीड़िता

राजेन्द्र देवांगन
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छ.ग.के न्यायधानी में  इंसाफ के लिए भटक रही है रेप पीड़िता

कमल दुसेजा,बिलासपुर,कोनी पुलिस थाना के संवेदना केंद्र में लटका हुआ है ताला-रेप पीड़िता का बयान लेने नही है जिम्मेदार महिला अधिकारी आरोपी लल्लू महराज पीड़िता को जान से मारने दे रहा धमकी- FIR लिखने के बजाय पुलिस पीड़िता को लगवा रही थाने का चक्कर बलात्कार जैसे गम्भीर मामले में कोनी पुलिस की लापरवाही पर उठने लगे सवाल – आरोपी की दो टूक कोनी थाना मेरे जेब मे मेरा पीना खाना होता उनके साथ-तुम मेरा कुछ नही बिगाड़ सकतीबिलासपुर के न्यायधानी में रेप के आरोपियों के हौसले बुलंद है,हफ़्तों थाने का चक्कर लगाने के बाद भी नही लिखी गई रेप पीड़िता की एफआईआर, आरोपी लल्लू महराज पीड़िता को ट्रक से कुचलवा के जान से मारने की दे रहा है धमकी ,पुलिस हफ़्तों से महिला( पीड़िता) को कटवा रहे थाने का चक्कर कह रहे मामले में हो रही है जाँच। जी हाँ यह मामला छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर का है जहाँ पुलिस महकमे के आईजी एवं तेज तर्रार पुलिस कप्तान प्रशांत अग्रवाल के हांथो न्यायधानी की कमान है किंतु पुलिस के वर्दी पर दाग लगाने का कार्य विभाग के मातहत कर्मचारी ही जब करने लगें तो भला अधिकारी क्या कर सकतें है। आजसे लगभग 2 वर्ष पहले बिलासपुर के सभी थानों में महिला सम्बन्धी अपराधों के नियंत्रण के लिए संवेदना केंद्रों की स्थापना की गई थी लगभग 1 केंद्र के पीछे 4-5 लाख रु खर्च भी किये गए थे। लेकिन आज उन संवेदना केंद्रों पर बड़े बड़े ताले लटके हुए हैं। ऐसा ही नजारा गुरुघासीदास सेंट्रल यूनिवर्सिटी के पास स्थित कोनी थाना का हैं। जहां महिला सम्बन्धी अपराध के विवेचना के लिए कोई जिम्मेदार महिला अधिकारी उपस्थित नही थी । 15 दिनों से युवती रेप के आरोपी लल्लू महराज के विरुद्ध FiR दर्ज कराने के लिए लिखित आवेदन देने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार करने के बजाय उल्टे बयान एवं पूछताछ के नाम पर महिला पीड़िता को लगातार 7 बार थाने बुलवाया जा चुका है। 7 वीं बार भी जब महिला कोनी थाने पहुंची तो कोनी थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर के द्वारा पहले तो महिला को घण्टो थाने में बैठाये रखा फिर आरोपी को भी बुलवाकर दोनो के बीच आपसी सुलह कराने की कोशिश करने लगा । लेकिन जब पीड़िता कार्यवाही की बात पर अड़ी रही तो पीड़िता का बयान लेकर उसका डॉक्टरी मुलाहिजा के लिए उसे हॉस्पिटल भेज के आरोपी के विरुद्ध FIR दर्ज करने के बजाय उल्टे आरोपी को थाने से चलता कर दिया। जब पीड़िता ने जाँच अधिकारी को आरोपी के गिरफ्तारी के सम्बंध में पूछताछ किया तो पीड़िता को यह कहकर गुमराह कर दिया गया कि महिला   जाँच अधिकारी से आपका बयान होने के बाद ही कोई मामला दर्ज होगा। जब उक्त जिम्मेदार पुलिस अधिकारी को यह स्प्ष्ट जानकारी है कि महिला सम्बन्धी अपराध खासकर रेप जैसे गम्भीर मामले में पीड़िता का बयान किसी जिम्मेदार महिला अधिकारी द्वारा लिया जाता है। विगत 15 दिनों से  उक्त रेप पीड़िता को कोनी थाने का चक्कर लगवाया जा रहा है। जब 15 दिनों तक पीड़िता की FIR कोनी थाने में दर्ज नही किया गया तब पीड़िता ने अपनी आपबीती मीडिया के सामने रखते हुए न्याय दिलाने की गुहार लगाई है।
पीड़िता ने मीडिया को यह भी बताया कि आरोपी लल्लू महराज पीड़िता के घर मे आगजनी का प्रयास भी कर चुका है। साथ ही पीड़िता का वीडियो वायरल कर देने सहित अश्लील मैसेज भेज पीड़िता को जान से खत्म कर देने एवं बदनाम कर देने धमकाया जा रहा है । लेकिन महिला अपराधों के प्रति गम्भीर बिलासपुर के कोनी थाने में रेप पीड़िता के FiR दर्ज नही किये जाने से अनेको सवाल खड़े हो रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि उक्त घटना की जानकारी उसके द्वारा बिलासपुर जिले के पुलिस कप्तान को भी फोन के माध्यम से दिया गया है।जब न्यायधानी में ही बेटियाँ महफूज नही है। बेटियों को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है । किंतु आरोपी लगातार दहशतगर्दी फैलाने में लगे हैं। बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठना लाजिमी है।

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