खबर का हुआ असर : गोल बाजार में अवैध निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई, अतिक्रमणकर्ता को नोटिस जारी

राजेन्द्र देवांगन
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बिलासपुर।
शहर के व्यस्ततम गोल बाजार क्षेत्र में बिना अनुमति किए जा रहे निर्माण को लेकर आखिरकार नगर निगम हरकत में आया है। शिकायत मिलने के बाद नगर निगम बिलासपुर ने अतिक्रमणकर्ता को नोटिस जारी कर अवैध निर्माण तत्काल रोकने के निर्देश दिए हैं।

यह मामला वार्ड क्रमांक 30, गोल बाजार क्षेत्र का है, जहां आगजनी की घटना के बाद क्षतिग्रस्त दुकान की भूमि पर बिना स्वीकृति पुराने भवन को तोड़कर नया निर्माण किया जा रहा था। स्थानीय नागरिक प्रशांत मिश्रा ने इस संबंध में कलेक्टर कार्यालय और नगर निगम में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी।

शिकायत में क्या लगाए गए आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार, निर्माण कार्य बिना नक्शा स्वीकृति और अनुमति के किया जा रहा है। आरोप है कि संबंधित स्थान एक संकरी गली में स्थित है, जहां पहले से ही आवागमन में दिक्कत होती है। अवैध निर्माण से फायर ब्रिगेड, एम्बुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की पहुंच बाधित होने की आशंका जताई गई है।

शिकायत में यह भी कहा गया कि इस संबंध में पहले भी प्रशासन को कई बार अवगत कराया गया, लेकिन कार्रवाई में देरी हुई, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

नगर निगम ने जारी किया नोटिस

शिकायत के बाद नगर पालिक निगम बिलासपुर के भवन शाखा द्वारा 4 फरवरी 2026 को अतिक्रमणकर्ता संजय दुबे को आधिकारिक नोटिस जारी किया गया। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि—

●बिना अनुमति निर्माण कार्य अवैधानिक है

●निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए

●पूर्व में जारी नोटिसों का संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया

निर्धारित तिथि तक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं करने या निर्माण नहीं हटाने की स्थिति में नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 307(3) के तहत तोड़फोड़/हटाने की कार्रवाई की जाएगी

नोटिस में यह भी उल्लेख है कि समस्त जिम्मेदारी निर्माणकर्ता की होगी।

अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर

नगर निगम द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद अब क्षेत्रवासियों की निगाहें आगे की कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि तय समय में अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो निगम को सख्त कदम उठाने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह के निर्माण पर रोक लग सके।

यह मामला एक बार फिर शहर में अवैध निर्माण और नियमों की अनदेखी का मुद्दा सामने लाता है, जहां प्रशासनिक कार्रवाई की निरंतरता पर सवाल उठते रहे हैं।

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