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5 लाख की फिरौती हासिल करने के लिए चचेरे भाई ने ही बच्चे का अपहरण कराया था, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी से घटना को अंजाम दिए जाने के 7 घंटे के भीतर ही ना सिर्फ बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया बल्कि मामले में मुख्य आरोपी सहित दो को गिरफ्तार भी कर लिया गया है । जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा के वार्ड क्रमांक 2 उरगा बहरा में रहने वाले राजेंद्र कुमार कुर्रे का अपने घर के सामने ही किराना दुकान है, जिनके 4 बच्चे हैं। तीन बेटियों में एक बेटा होने के कारण 6 साल का अनुज पूरे परिवार का लाडला है। इसी को भांपते हुए उसका अपहरण कर लिया गया। बुधवार को जब अनुज अपने दोस्त अभिषेक के साथ घर के सामने खेल रहा था उस इस दौरान नीले रंग की बाइक में एक नकाबपोश पहुंचा। उसने बच्चे से कहा कि उसके पापा उसे कोल्ड ड्रिंक पीने के लिए बुला रहे हैं।

बच्चा उसकी बातों में आ गया और अनुज बाइक में बैठ कर उसके साथ चला गया। नकाबपोश अनुज का अपहरण कर उसे ग्राम महुदा की ओर ले गया। जैसे ही परिजनों को इसकी जानकारी हुई तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। जिसके बाद पुलिस ने पूरे जिले को अलर्ट कर दिया। इसी बीच दोपहर को बच्चे के पिता के पास एक फोन आया जिसमें बच्चे का अपहरण करने और उसे सही सलामत वापस देने की एवज में 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी गई। फोन करने वाले ने अगले दिन फिर से फोन करने की बात कही। पुलिस ने तुरंत साइबर एक्सपर्ट की मदद ली। जिस नंबर से फिरौती के लिए फोन आया था उस नंबर का डिटेल खंगाल आ गया तो पता चला कि उस नंबर से एक युवती के साथ लगातार बातचीत हो रही थी। संदेह के आधार पर पुलिस ने तुरंत पारा घाट से उस युवती को हिरासत में ले लिया और उससे पूछताछ में अहम जानकारी सामने आई। पता चला कि इस मामले में देवा गांव का अंकित खांडेकर भी शामिल है, जिसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया गया ।

फिर पता चला कि उसने बच्चे को गांव के ही बाहर खेत में बने एक सूने मकान में छुपा कर रखा था । इसकी जानकारी होते ही पुलिस ने तुरंत एक पल गंवाए बिना बच्चे को सूने मकान से सकुशल बरामद कर लिया। इसी दौरान अपहरण में राजा कुर्रे के भी सहभागी होने की बात सामने आई। राजा कुर्रे और कोई नहीं बल्कि अनुज के पिता का चचेरा भाई है। अंकित खांडेकर ने बताया कि राजा कुर्रे ही पूरे अपहरण कांड का मास्टरमाइंड है। उसने ही पूरी साजिश रची थी। जिसके बाद पुलिस ने राजा कुर्रे को भी गिरफ्तार कर लिया। इस पूरे मामले में फिरौती में एक रुपए दिए बगैर जिस तरह से पुलिस ने बच्चे को सकुशल बरामद किया और आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया उससे हर ओर पुलिस की सराहना हो रही है।