लॉकडाउन में कारोबारियों को मिली रियायत ,38 दिनों बाद खुला बाजार

राजेन्द्र देवांगन
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लॉकडाउन में कारोबारियों को मिली रियायत. 38 दिनों बाद खुला बाजार

मनोज शुक्ला,,रायपुर। आज राजधानी की कुछ बाजारें खुल गईं। जिला प्रशासन ने व्यापारी संघों की मांग पर पूर्व में ऑड-ईवन के आधार पर दुकान खोलने के फैसले ने कुछ संशोधन करते हुए व्यापारियों को बाजारों को लेफ्ट-राइट और व्यावसाइक परिसरों को आड-ईवन के आधार पर खोलने की अनुमति कारोवारियों को दी है। जिसके बाद आज सुबह तय समय पर दुकानें खोलने का सिलसिला शुरु हो गया। कुछ दुकानें तय समय से पहले खुल गई लेकिन लॉकडाउन में फेरी वाले बने नशा तस्करों के डिलीवर व्यापारिक संघों द्वारा सम विषम के आधार पर दुकानें खोले जाने का विरोध रंग लाया है और प्रशासन ने दुकानें खोलने के नियमों में बदलाव कर दिया है। अब नए नियम के अनुसार, सोमवार से सभी प्रमुख व्यावसायिक काम्पलेक्स व प्रमुख मार्गों की दुकानें खुल गईं हैं। इसमें यह तय हुआ है कि व्यावसायिक कॉम्पलेक्स जैसे रवि भवन, जयराम कामप्लेक्स, लालगंगा काम्पलेक्स आदि की दुकानें सम विषय के आधार पर खोली जाएंगी। मगर, दूसरे प्रमुख मार्गों की दुकानें व बाजार व्यापारिक संघ अपनी सुविधानुसार खोल सकता हैं। सड़कों के दोनों किनारों की दुकानों को लेफ्ट-राइट (दाएं-बाएं) के अनुसार खोला जाना है। गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के चलते प्रदेश में 31 मई तक लॉकडाउन बढ़ा दिया गया है, लेकिन प्रशासन ने व्यावसायिक गतिविधियों के लिए कुछ छूट दी है। पहले प्रशासन सम विषय के अनुसार दुकानें खोलना चाहता था, जिसके विरोध के बाद लेफ्ट राइट के अनुसार दुकानें खोलने तैयार हुआ।लेफ्ट-राइट के अनुसार खुलीं दुकानें प्रमुख मार्गों में सड़कों के दोनों ओर की दुकाने एक-एक दिन लेफ्ट-राइट के अनुसार खुलेंगी और व्यापारिक संघ इन्हें अपनी सुविधानुसार खोल सकता है। हालांकि, व्यावसायिक काम्पलेक्स की दुकानें सम विषय के आधार पर ही खुलेंगी। इसी आधार पर आज रवि भवन, जयराम कामप्लेक्स, लालगंगा सॉपिंग कॉप्लेक्स की दुकाने खोली गईं हैं। व्यापारी चाहते हैं पूरा बाजार खोला जाए व्यापारिक संघों का कहना है कि लॉकडाउन से इतने दिनों बाद राहत दी जा रही है, तो पूरा बाजार खोल दिया जाना चाहिए। भले ही कोरोना को देखते हुए प्रशासन बाजार खोलने के दिन कम कर दे। पूरा बाजार खोलने से फायदा यह होगा कि उपभोक्ता को किसी भी सामान के लिए भटकने या परेशान होने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। मालवीय रोड व्यापारी संघ के अध्यक्ष राजेश वासवानी का कहना है कि प्रशासन अगर चाहे तो हफ्ते में दो या तीन दिन पूर्ण रूप से लाकडाउन कर दे। इससे व्यापार का फायदा होगा और उपभोक्ताओं को भी फायदा मिलेगा। सेव्यापारी संघों के दबाव में बदला फैसला चैंबर की भूमिका पर उठे सवाल सोमवार से 11 बाजार खुलने के साथ ही व्यापारियों का असंतोष खुलकर सामने आ गया है। नाराज व्यापारियों ने चेंबर अध्यक्ष पर आरोप लगाया है कि स्वार्थ सिद्धि के चलते चेंबर को सिर्फ अपनों का हित दिखाई दे रहा है। दूसरे व्यापारियों को लॉकडाउन से हो रहे नुकसान की तो उन्हें परवाह ही नहीं है। कारोबार संचालन पर सहमति बननी थी तो पूरे कारोबार को लेकर बनना था, न कि किसी खास वर्ग को लाभ पहुंचाने की नीयत से बिना व्यापारियों से सुझाव लिए प्रशासन को एकपक्षीय सहमति जता दी जो चेंबर का व्यापारियों के लिए घातक कदम साबित होगा। इस फैसले से व्यापारियों के दिल में भड़की आग अब बाहर निकल कर आ गई है। जिसकी तपिश बाजार खुलते ही महसूस किया जा रहा है। दुकानें खुलवाने को लेकर व्यापारी संगठनों की राजनीति इतनी गरमा गई है अब तो व्यापारी खुलकर अपनी भड़ास निकालने सीधे-सीधे आरोप भी जडऩे लगे है। व्यापारियों के संगठन व्यापारी एकता पेनल के योगेश अग्रवाल और राजेश पारवानी ने चेंबर अध्यक्ष पर आरोप लगाया कि उन्होंने प्रशासन को खुश करने के लिए और अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिए व्यापारियों के स्वाभिमान को मिटटी में मिला दिया है। चेंबर ने प्रशासन की हां में हां मिलाकर कारोबार को बर्बाद करने की कोशिश की है। पेनल और व्यापारी संगठनों के विरोध के बाद प्रशासन ने पैसला बदला ष दूसरी तरफ चेंबर अध्यक्ष वाहवाही लूट रहे है कि सामूहिक प्रयास से कारोबार खोलने की अनुमति मिली है। मुख्यमंत्री से लगातार चर्चा करने के व्यापारियों के हित में न होकर स्वयं के हित को साधने की कवायद थी। फिलहाल 11 बाजार में रोड के दाएं और बाएं हिस्से की दुकानों को एक दिन का गैप देकर खोलने की शुरूआत हो गई है। छत्तीसगढ़ चेंबर आफ कामर्स के अध्यक्ष ने वाट्सएप विज्ञापन के माध्यम से यह आदेश जारी कि या था कि 11 संगठनों को आड ईवन का पालन करना है बाकी मार्केट पूरा खुला हुआ है। चेंबर अध्यक्ष मनमानी कर रहे हैं। अपनी ही बात का पालन नहीं कर रहे है। वहीं कटोरातालाब में तो व्यापारियों मारपीट की स्थिति निर्मित हो गई है।

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