कोरोना काल की चुनौती में भी ‘‘पढ़ई तुहर दुआर’’ कार्यक्रम से जारी है शिक्षा

राजेन्द्र देवांगन
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बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए शिक्षकों द्वारा सराहनीय पहल!

03,नवंबर,2020

बिलासपुर-[सवितर्क न्यूज़] कोरोनाकाल की चुनौती के बीच बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए शिक्षकों द्वारा नित नए नवाचार किये जा रहे हैं। जिले के शिक्षक लवकांत द्विवेदी द्वारा भी ऐसा ही नवाचार किया जा रहा है। श्री द्विवेदी पढ़ई तुहर दुआर कार्यक्रम के तहत बुलटू के बोल एवं शिक्षा साथी आदि माध्यमों से कक्षायें संचालित कर बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।
लवकांत द्विवेदी विकासखण्ड तखतपुर के बेलपान संकुल के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला अमने में पदस्थ है। श्री द्विवेदी बताते हे कि कोविड 19 के कारण लाॅकडाउन के समय से मैनें पढ़ई तुहर दुुआर कार्यक्रम के तहत वर्चुअल क्लास लेना प्रारभ किया और आज भी ले रहा हूं ताकि बच्चों की शिक्षा किसी भी स्थिति मेें बाधित न हो। उन्होंने बताया कि सबसे पहले पढ़ई तुहर दुआर पोर्टल में पंजीयन कर वर्चुअल ग्रुप बनाया । इस कार्यक्रम का लाभ बच्चों को मिल सके इस उददेश्य से आस पास के गांव के स्कूली बच्चों से मैने मोबाईल पर लगातार संपर्क किया।

ऐसे बच्चे जिनसे मोबाईल पर संपर्क नहीं हो सका उन्हें स्वयं पहुंचकर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कार्यक्रम की जानकारी देते हुए इसे जुड़ने हेतु बच्चों एवं अभिभावकों को प्रेरित किया। श्री द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने अपने स्कूल के बच्चों को चिन्हांकित कर तीन श्रेणी में विभाजित किया। पहली श्रेणी में स्मार्ट मोबाईल उपलब्धता वाले बच्चे, दूसरी श्रेणी में जिनके पास मोबाईल नहीं है एवं तीसरी श्रेणी में साधारण मोबाईल वाले बच्चों को रखा।
पहली श्रेणी के बच्चे जिनके पास मोबाईल है उन्हें शिक्षा साथी के रूप में चयन कर एवं जिनके पास मोबाईल नहीं है अथवा साधारण मोबाईल वाले बच्चों को बुलटू के बोल कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ने का प्रयास किया। वे बताते हैं कि उन्होंने ग्राम अमने और पोंगरिहा के 20 बच्चों को 27 आडियो एवं वीडियो शेयर किया है। वे गांव में जाकर ब्लूटूथ स्पीकर के माध्यम से लगातार बच्चों को शिक्षित कर रहे हैं।

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