राजीव गांधी किसान न्याय योजना के नए बजट में 5 हजार 703 करोड़ रूपए का प्रावधान

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ का बजट न्याय की अवधारणा को आगे बढ़ाने वाला : मुख्यमंत्री श्री बघेल :

चिराग योजना के तहत 7 आदिवासी बहुल

जगदीश देवांगन, जिलों और मुंगेली जिले के सभी विकास खण्डो में पोषण सुरक्षा व किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 150 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान

वैश्विक महामारी से निपटने के लिए संयम, धीरज, सावधानी तथा कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत

मुंगेली जिले के नागरिकों ने भी उत्साह पूर्वक तन्मयता से सुना लोकवाणी

मुंगेली, मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की मासिक रेडियोवार्ता लोकवाणी की 17वीं कड़ी का प्रसारण आज 11 अप्रैल को किया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल लोकवाणी में नया बजट, नए लक्ष्य विषय पर प्रदेशवासियों से बात की।

लोकवाणी का प्रसारण छत्तीसगढ़ स्थित आकाशवाणी के सभी केन्द्रों, एफ.एम. रेडियो और क्षेत्रीय न्यूज चैनलों से सुबह 10.30 से 11 बजे तक किया गया। मुख्यमंत्री श्री बघेल की नया बजट, नए लक्ष्य विषय पर आयोजित मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी को मुंगेली जिले के नागरिकों ने भी उत्साह पूर्वक सुना। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने अपने मासिक रेडियो वार्ता लोकवाणी में कहा कि चिराग योजना के तहत 7 आदिवासी बहुल जिलों और मुंगेली जिले के सभी विकास खण्डो में पोषण सुरक्षा व किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार के लिए 150 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान रखा गया है। किसानों को बिना ब्याज ऋण देने के लिए इतिहास में सबसे बड़ा 5 हजार 900 करोड़ रुपये ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ‘नया बजट-नए लक्ष्य’ विषय पर श्रोताओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में इस वर्ष सभी वर्ग के लोगों के हित को ध्यान में रखकर बजट पेश किया गया है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना का उद्देश्य प्रदेश में विभिन्न फसल लेने वाले किसान भाइयों को किसी न किसी तरीके से सशक्त बनाना है। पहले साल हमने 2500 रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान का भुगतान किया। दूसरे साल समर्थन मूल्य पर खरीदी के नियम के अनुसार समर्थन मूल्य का भुगतान किया और राजीव गांधी किसान न्याय योजना के माध्यम से धान, मक्का, गन्ना आदि फसल लेने वाले लगभग 19 लाख किसानों को 5 हजार 628 करोड़ का भुगतान किया गया। इस साल हमने 20 लाख 53 हजार किसानों से 92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की है, जो प्रदेश के इतिहास में धान खरीदी का सबसे बड़ा कीर्तिमान है। इस वर्ष भी हमने राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत किसानों को नगद सहायता देने के लिए 5 हजार 703 करोड़ रूपए का बजट प्रावधान रखा है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि किसानों को रियायती तथा निःशुल्क बिजली देने के लिए 2 हजार 500 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। वहीं सिंचाई पम्पों के ऊर्जीकरण पर लगभग 1000 करोड़ रूपए खर्च होंगे। सोलर पम्पों के लिए 530 करोड़ रूपए का प्रावधान है तो लगभग 35 हजार लंबित सिंचाई पम्प कनेक्शन देने का काम भी पूर्ण किया जाएगा, जिसमें करीब 350 करोड़ रूपए खर्च होंगे। उद्यानिकी फसलों के विकास के लिए अनुदान सहायता पर 495 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। किसानों की जेब में जो पैसा डाला जा रहा है, वह उनकी शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वावलम्बन और खुशहाली में लगे। इस तरह किसानों की आय बढ़ाने, खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए हमारी सरकार कृत-संकल्पित है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल कहा कि ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों की सहायता हेतु नवीन न्याय योजना का उद्देश्य भूमिहीन श्रमिकों को नियमित आय सुनिश्चित करना है। हमने न्याय को जरूरतमंद तबकों की आय से जोड़ा है क्योंकि एक निश्चित आय मिलने से ही किसी व्यक्ति का जीवन संवारा जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना अंतर्गत 2 रूपए प्रति किलो की दर से गोबर खरीदने का काम जारी रहेगा। गोबर खरीदी पर हमने राज्य सरकार की तरफ से हालांकि लगभग 90 करोड़ रूपए का भुगतान किया है, लेकिन मुझे यह कहते हुए खुशी है कि गौठानों के माध्यम से स्व-सहायता समूहों ने वर्मी खाद उत्पादन तथा बिक्री, गोबर दीया निर्माण आदि कार्यों से लगभग 950 करोड़ रूपए की आय प्राप्त की है। गौठान योजना के लिए बजट में 175 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है, जिससे गौठानों की गतिविधियां बेहतर ढंग से संचालित होती रहें।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बीजापुर में नक्सली हिंसा में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना में सीआरपीएफ तथा राज्य पुलिस बल के हमारे साथी हताहत हुए हैं। जिन वीर जवानों की शहादत हुई है, उन्हें मैं अपनी ओर से तथा राज्य की 2 करोड़ 80 लाख जनता की ओर से सादर श्रद्धा सुमन अर्पित करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना या कोविड-19 की दूसरी लहर के देश-दुनिया और प्रदेश में बढ़ते प्रकोप के विषय में मेरा मानना है कि इस *वैश्विक महामारी से निपटने के लिए हमें बहुत संयम, धीरज, सावधानी तथा कड़े सुरक्षा उपायों की जरूरत* है। राज्य सरकार द्वारा स्थिति का मुकाबला करने के लिए जांच, उपचार, टीकाकरण तथा जागरूकता अभियान चलाने जैसी सारी व्यवस्थाएं की गई हैं। सावधानी बरतने में कोताही करने से न सिर्फ व्यक्ति बल्कि उसका परिवार और उसके संपर्क में आने वाले अनेक लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो जाते हैं। इसलिए मैं आप सबसे अपील करता हूं कि जितना अधिक संभव हो उतना अधिक घर पर रहें। अलग-अलग जिलों में जिस तरह से नियंत्रण के प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे हैं, उसमें सहयोग प्रदान करें। पात्रता के अनुसार टीका लगाने में किसी भी तरह का भ्रम नहीं रखें। बिल्कुल स्पष्ट मानें कि टीकाकरण एक सुरक्षित उपाय है और पात्रता अनुसार सभी को अनिवार्य रूप से टीका लगवाना है। जिन्होंने पहला डोज ले लिया है, वे दूसरे डोज का ध्यान रखें और किसी भी स्थिति में दूसरे डोज की अवहेलना न करें। टीका लगाने से संक्रमण की तीव्रता तथा क्षति में कमी आती है, पर पूर्ण स्वस्थ रहने के लिए टीका लगाने के बाद भी सुरक्षा उपायों का पालन करते रहें।
मुख्यमंत्री ने कहा की बहुत बड़े पैमाने पर वन अधिकार पट्टे दिए। इस तरह आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि परंपरागत वन निवासियों को भी उनके अधिकार दिलाने का सिलसिला शुरू हुआ।
उन्होंने कहा कि शहरी क्षेत्रों में पौनी-पसारी योजना की तर्ज पर एक कदम और आगे बढ़ते हुए अब ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना का प्रावधान नए बजट में किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चालू सीजन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 112 करोड़ की लागत के 4 लाख 74 हजार क्विंटल लघु वनोपज का संग्रहण किया गया है।
मुख्यमंत्री ने लोकवाणी में कहा कि मछली पालन और लाख पालन को कृषि के समकक्ष दर्जा दिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे इस क्षेत्र में काम करने वाले लाखों लोगों को संबल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तेलघानी विकास बोर्ड, चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड, लौह शिल्पकार विकास बोर्ड तथा रजककार विकास बोर्ड के माध्यम से परंपरागत कर्मकारों के कल्याण के कदम उठाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुपोषण अभियान में महिलाओं की सेहत का ध्यान रखा है। 2 वर्षो में शिक्षा कर्मियों का नियमितीकरण किया। सरकारी नौकरी में 30 प्रतिशत आरक्षण से लेकर हाफ बिजली बिल योजनाओं से महिलाओं को काफी मदद मिली है। नये बजट में आपने दूसरी संतान बेटी होने पर कौशल्या योजना के माध्यम से 5000 रूपए आर्थिक मदद की नयी पहल की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सजावटी और दिखावटी अधोसंरचनाओं पर विश्वास नहीं करते बल्कि सुविधा विहीन अंचल का अभाव जल्दी से जल्दी दूर करने पर विश्वास करते है।
मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा कि
हमने जिन योजनाओं का उल्लेख किया है, उसके लिए पर्याप्त बजट प्रावधान भी किया है। इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर शासन और प्रशासन पूरा ध्यान दे रही हैं। जन-जन का विकास हमारा मुख्य ध्येय है।

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