मुंगेली शहर की एकमात्र पुष्प वाटिका पर ठेकेदार का कब्जा, जनता परेशान- आखिर जिम्मेदार कौन

Jagdish Dewangan
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मुंगेली: नगर पालिका मुंगेली द्वारा शहर की एकमात्र पुष्प वाटिका को ठेके पर दिए जाने के बाद से आम जनता में भारी आक्रोश है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मॉर्निंग वॉक के लिए आने वाले बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे और युवाओं को आज सुबह गार्डन के मुख्य गेट पर ताला लगा मिला। नगर पालिका अधिकारियों से संपर्क करने पर बताया गया कि पुष्प वाटिका को ठेके पर दे दिया गया है।

जनता के सवाल:
. क्या पुष्प वाटिका जैसी सार्वजनिक संपत्ति ठेके पर दी जा सकती है?
. या केवल वाटिका के अंदर स्थित कैंटीन का ठेका दिया गया है?
. यदि ठेका दिया भी गया है तो आम जनता के प्रवेश पर रोक क्यों?

वाटिका की बदहाल स्थिति:
पुष्प वाटिका में लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद रखरखाव शून्य है।

  • सुबह खुलते ही आवारा मवेशियों की भीड़ जमा हो जाती है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों को चलने में परेशानी होती है।
  • सफाई व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है, चारों तरफ गंदगी पसरी है।
  • घास-फूस बढ़ी हुई है, पेड़-पौधों में पानी नहीं डाला जाता।
  • शहर में एकमात्र पुष्प वाटिका है, जहाँ शहर के सभी वर्ग के लोग सुबह-शाम सैर और व्यायाम के लिए उत्साह से आते हैं। अब ठेकेदार की मनमानी के चलते गेट पर ताला लगने से बूढ़े, बच्चे, महिलाएं सभी डरे-सहमे हैं।

नागरिकों की मांग:
पुष्प वाटिका नगर पालिका के अंतर्गत आती है और सार्वजनिक संपत्ति है। इसे तुरंत ठेकेदार के कब्जे से मुक्त कराया जाए, ताला हटाकर सुबह शाम आम जनता के लिए खोला जाए, और साफ-सफाई व रखरखाव की स्थायी व्यवस्था की जाए।

देखरेख के लिए नियुक्त कर्मचारी और जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सो रहे हैं।

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संपादक - जगदीश देवांगन