बिजली दरों में लगातार बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर के खिलाफ कांग्रेस का बड़ा ऐलान -विधायक विक्रम मंडावी ने कहा— दो महीने तक घर-घर आवेदन, फिर बिजली दफ्तरों और मुख्यमंत्री निवास का घेराव

राजेन्द्र देवांगन
5 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

(संवाददाता -अभिलाष दास बघेल)

छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के निर्देश पर  जिला कांग्रेस कमेटी बीजापुर ने जिला मुख्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर प्रदेश सरकार द्वारा बिजली के दामों में लगातार की जा रही बढ़ोतरी और स्मार्ट मीटर के जबरन लगाए जाने का तीखा विरोध दर्ज कराया।प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी बिजली के दामों में की गई बढ़ोतरी वापस लेने, स्मार्ट मीटर हटाने तथा 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना को फिर से शुरू करने की मांग को लेकर आंदोलन करेगी। उन्होंने घोषणा की कि 2 अगस्त से कांग्रेस के कार्यकर्ता घर-घर जाकर स्मार्ट मीटर हटाने के आवेदन और बिजली दर वृद्धि के विरोध-पत्र भरवाएंगे। दो महीने तक यह अभियान चलेगा। इसके बाद प्रदेश भर के बिजली दफ्तरों का घेराव कर एकत्रित आवेदन जमा कराए जाएंगे और पावती ली जाएगी। फिर इन पावतियों के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री बिजली मंत्री भी हैं) के निवास का घेराव किया जाएगा।
विधायक मंडावी ने बताया कि भाजपा सरकार ने जुलाई से घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली दाम में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट, गैर-घरेलू में 20 से 40 पैसे तथा कृषि पंपों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की है। भाजपा सरकार आने के बाद यह लगातार पांचवीं बार दाम बढ़ाए गए हैं। हाल ही में 12 प्रतिशत बिजली ईंधन अधिभार (एमपीपीएस) के रूप में भी बढ़ोतरी की गई थी। कुल मिलाकर भाजपा शासनकाल में अब तक 31.23 प्रतिशत बिजली दरें बढ़ाई जा चुकी हैं।
इसके विपरीत कांग्रेस सरकार ने पांच साल में मात्र 2 पैसे की बढ़ोतरी की थी और उस दौरान 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना भी लागू थी।
विधायक ने आरोप लगाया कि “भाजपा से सरकार नहीं संभल रही है। वह केवल जनता पर बोझ डालने का काम कर रही है।” 400 यूनिट तक हाफ योजना बंद करने के बाद पांच बार दाम बढ़ाना आम जनता पर सीधा हमला है। बिजली विभाग बिल के नाम पर उपभोक्ताओं को लूटने में लगा हुआ है। पिछले कुछ महीनों से बिजली बिल तीन से चार गुना आ रहे हैं।
विधायक विक्रम मंडावी ने आगे कहा कि स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ा-चढ़ाकर बताई जा रही है। बिना उपभोक्ता की सहमति के अनुबंध भार क्षमता बढ़ा दी जा रही है और फिर अधिक खपत का हवाला देकर अर्थदंड जोड़कर भारी बिल भेजे जा रहे हैं। अडानी कंपनी के स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं।
बिजली बिल ज्यादा आने के तीन मुख्य कारण बताए गए— 1- सरकार द्वारा बिजली के दाम बढ़ा दिए गए। 2- 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद कर दी गई।3- स्मार्ट मीटर गलत रीडिंग दे रहे हैं।वहीं जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लालू राठौर ने कहा कि संसद में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अप्रैल 2026 में स्पष्ट रूप से कहा था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर किसी भी उपभोक्ता पर जबरन नहीं थोपे जा रहे हैं। यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था है और उपभोक्ता की सहमति के बिना सामान्य मीटर को स्मार्ट मीटर में बदलना गैर-कानूनी है। फिर छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर जबरिया क्यों लगाए जा रहे हैं?
उन्होंने मांग की कि बिजली के दाम घटाए जाएं, 400 यूनिट तक बिल हाफ योजना फिर से लागू की जाए और स्मार्ट मीटर वापस लिए जाएं। विधायक विक्रम मंडावी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ने स्मार्ट मीटर वापस लेने का निर्णय लिया है। छत्तीसगढ़ में भी सरकार जनहित में स्मार्ट मीटर वापस ले। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जनता की मांग नहीं मानेगी तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। प्रेस वार्ता
में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शंकर कुड़ियम, जिला पंचायत सदस्य नीना रावतिया उद्दे, सुखदेव नाग, प्रवक्ता ज्योति कुमार, प्रवीण डोंगरे, मनोज अवलम, जितेंद्र हेमला, संतोष गुप्ता, इदरीस खान, राजकुमार गुप्ता, गुड्डू कोरसा, बलराम कोरसा, नामपल्ली ब्रह्मचारी और लक्ष्मण कोरसा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Share This Article