स्वामी आत्मानंद विद्यालय नैमेड़ में पूर्व नौसेना अधिकारी रणवीर सिंह भदौरिया के जन्मदिन पर न्यौता भोज का आयोजन…!

राजेन्द्र देवांगन
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(बस्तर संवादाता- अभिलाष दास बघेल)

बीजापुर – स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, नैमेड़ में भूतपूर्व भारतीय नौसेना पेटी ऑफिसर  रणवीर सिंह भदौरिया के जन्मदिन के अवसर पर न्योता भोज, स्कूल कैबिनेट के शपथ ग्रहण समारोह एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में विकासखंड शिक्षा अधिकारी नागेश्वर निषाद तथा अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य डॉ. ओमेश्वरी देवांगन ने की। इस अवसर पर उप प्राचार्य  सोमेंद्र सिंह भदौरिया, ग्राम सरपंच श्रीमती ललिता ओयाम, उपसरपंच  दीपक कोरसा, पालकगण, विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं विद्यार्थियों की आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ। इसके बाद स्कूल कैबिनेट के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। प्राचार्य डॉ. ओमेश्वरी देवांगन एवं बीईओ  नागेश्वर निषाद ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी।इस अवसर पर पूर्व नौसेना अधिकारी श्री रणवीर सिंह भदौरिया के जीवन, सैन्य सेवा और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। विद्यार्थियों ने उनके प्रेरणादायी अनुभवों को गंभीरता से सुना और उनसे राष्ट्रभक्ति एवं अनुशासन का संदेश ग्रहण किया।श्री रणवीर सिंह भदौरिया ने वर्ष 1961 में मात्र 16 वर्ष की आयु में भारतीय नौसेना में भर्ती होकर अपनी सेवा प्रारंभ की। सेवा अवधि के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें तीन पदोन्नतियां प्राप्त हुईं। उन्होंने 1965 के भारत-पाक युद्ध तथा 1971 के भारत-पाक (बांग्लादेश मुक्ति) युद्ध में वीर सैनिक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय नौसेना में लगभग 11 वर्षों की सेवा के दौरान उन्हें 20 से अधिक प्रशंसा-पत्र एवं अनेक वीरता एवं सेवा पदक प्राप्त हुए। भारत सरकार ने उन्हें नववर्ष दीर्घ सेवा मेडल से भी सम्मानित किया।

अपने सैन्य जीवन में उन्होंने रूस, अदन की खाड़ी, इथोपिया, मताडी, डी. कांगो और बेल्जियम सहित विभिन्न देशों में सेवाएं दीं। वर्ष 1967 से 1970 तक वे रूस में नौसेना अधिकारी के रूप में पदस्थ रहे, जहां पनडुब्बी परीक्षण के दौरान उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें रक्षा मंत्रालय, रूस द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया।सेवानिवृत्ति के बाद वे अपने पैतृक गांव नैमेड़ लौटे और खेती-किसानी के साथ समाजसेवा में सक्रिय रहे। उन्होंने पूर्व सैनिकों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार आवाज उठाई तथा युवाओं को भारतीय सेना में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।कार्यक्रम के अंत में श्री रणवीर सिंह भदौरिया का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया। उनके परिजन एवं उपस्थित सभी लोगों ने उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। साथ ही एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत 214वीं बटालियन के सहयोग से विद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। इसके पश्चात आयोजित न्योता भोज में सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया।

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