तालाब सौंदर्याकरण में गड़बड़ी के आरोप : 2.94 लाख के काम में फर्जी बिल और भुगतान, सरपंच-सचिव और इंजीनियर जांच के घेरे में

राजेन्द्र देवांगन
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पखांजूर। कांकेर जिले में विकास कार्यों में पारदर्शिता के दावों के बीच पखांजूर क्षेत्र की ग्राम पंचायत जयपुर में तालाब सौंदर्यीकरण कार्य में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। करीब 2.94 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत तालाब की सफाई और गहरीकरण कार्य में बड़े फर्जीवाड़े के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का दावा है कि मौके पर नाममात्र का काम हुआ, जबकि शासकीय राशि का पूरा भुगतान कर दिया गया।अ

अधिकारी-कर्मचारी संदेह के घेरे में
मिली जानकारी के अनुसार, तालाब की सफाई और गहरीकरण के लिए स्वीकृत राशि का आहरण कर लिया गया, लेकिन जमीनी स्तर पर कार्य अधूरा या बेहद सीमित दिखाई दे रहा है। इस मामले में पंचायत के सरपंच, सचिव और संबंधित उप अभियंता (इंजीनियर) की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि बिना स्थल का सत्यापन किए ही कार्य का मूल्यांकन कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी कर दी गई।

एक ही बिल नंबर से निकाली अलग-अलग राशि
मामले को और गंभीर बनाते हुए यह भी आरोप सामने आया है कि, अलग-अलग फाइलों में एक ही क्रमांक (259) का बिल लगाकर अलग-अलग राशि निकाली गई। इससे फर्जी बिलों के जरिए शासकीय धन के दुरुपयोग की आशंका और गहरा गई है।

जमीनी स्तर पर कुछ नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि, दस्तावेजों में विकास कार्य पूरा दिखाया गया है, जबकि वास्तविक स्थिति इससे बिल्कुल अलग है। उनका आरोप है कि, विकास कार्य केवल कागजों में सिमटकर रह गए और सरकारी राशि का भुगतान कर दिया गया।

दोषियों पर होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले पर जनपद पंचायत के सीईओ ने शिकायत मिलने के बाद जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है कि, जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है या मामला अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में ही सिमटकर रह जाता है।

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