खाद्य मंत्री ने किया पाली महोत्सव का शुभांरभ, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोहा

राजेन्द्र देवांगन
5 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

पाली महोत्सव और भव्य रूप लेगा- मंत्री अमरजीत भगत

(सवितर्क न्यूज,अजय देवगन )

प्रशासन के प्रस्ताव पर महोत्सव को संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित करने की भी मंजूरी मिलेगा

कोरबा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री अमरजीत भगत ने गुरुवार को पाली में महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित महोत्सव का शुभांरभ किया।

इस दौरान उन्होने कहा कि आने वाले समय में पाली महोत्सव और भव्य रूप लेगा तथा कोरबा और छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश में अपनी अलग पहचान बनायेगा।

श्री भगत ने कहा कि छत्तीसगढ़ की सरकार मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ी परंपरा और लोक संस्कृति को बचाने और बढ़ाने का काम तेजी से कर रही है।

छत्तीसढ़िया सबले बढ़िया को मुख्यमंत्री श्री बघेल ने ही चरित्रार्थ किया है।

शिवरात्रि हो या पोला, दीवाली हो या हरेली छत्तीसगढ के तीज-त्यौहारों को आज पूरा देश जान रहा है।

छत्तीसगढ़ की संस्कृति और लोककला के लिए मुख्यमंत्री श्री बघेल तथा सरकार के प्रयासों की सराहना की।

पाली महोत्सव के शुभांरभ अवसर पर कोरबा लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत वीडियो कांफेंसिग के माध्यम से शामिल हुई।

कार्यक्रम में मध्यक्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री पुरूषोत्तम कंवर, पाली-तानाखार के विधायक श्री मोहित केरकेट्टा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिवकला कंवर, नगर पंचायत पाली अध्यक्ष श्री उमेश चंद्रा, कटघोरा के पूर्व विधायक श्री बोधराम कंवर, सांसद प्रतिनिधि श्री प्रशांत मिश्रा, कटघोरा नगर पालिका के अध्यक्ष श्री रतन मिततल, पाली जनपद पंचायत की अध्यक्ष श्रीमती दुलेशवरी सिदार, कलेक्टर श्रीमती किरण कौशल, जिला पंचायत के सीईओ श्री कुंदर कुमार, अपर कलेक्टर श्रीमती प्रियंका महोबिया सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी भी शामिल हुए।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री अमरजीत भगत ने कहा कि ऐसे आयोजनों से भक्तिपूर्ण माहौल में अपनेपन का अहसास होता है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसढिया स्वाभिमान को बढ़ाया है।

आयोजन समाज में सकारात्मक प्रभाव डालते है।

इन आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को भी अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिलता है।

सांसद प्रतिनिधि श्री प्रशांत मिश्रा ने पाली महोत्सव को आगामी वर्ष से संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित करने की मांग मंत्री श्री भगत से की। जिस पर संस्कृति मंत्री श्री भगत ने जिला प्रषासन द्वारा आयोजन के लिए विधिवत प्रस्ताव तैयार कर विभाग को भेजने पर मंजूरी का आश्रवासन भी दिया। उन्होने पाली विधायक श्री मोहितराम केरकेट्टा की मांग पर सतौरा, तुमान, चोटिया और नुनेरा में आगामी धान खरीदी शुरू होने से पहले खरीदी केन्द्र प्रारंभ करने की भी घोषणा की।

एक ही मंच पर स्थानीय कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्षन करने का मौका

सांसद श्रीमती ज्योत्सना मंहत ने पाली महोत्सव के शुभारंभ मौके पर वीडियो काॅफेंसिंग के माध्यम से जुडी लोकसभा सांसद श्रीमती महंत ने उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि पाली महोत्सव के मंच पर स्थानीय कलाकारों को भी अपनी कला का प्रदर्षन करने का मौका मिल रहा है।

उपस्थित लोगो को पाली महोत्सव की सफलता के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

श्रीमती महंत ने पाली के एतिहासिक मंदिर में विराजमान भगवान षिव की भी स्तुति की और क्षेत्र तथा राज्य पर अपनी कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की। श्रीमती महंत ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए सभी लोगो से मास्क लगाए रखने और सोषल डिस्टेंसिंग का पालन करने की भी अपील वीडियो काॅंफेसिंग के माध्यम से की।

कार्यक्रम को कटघोरा के विधायक पुरूषोत्तम कंवर और पाली तानाखार विधायक श्री मोहितराम केरकेट्टा ने भी संबोधित किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समा – पाली महोत्सव के पहले दिन आज सुरमयी आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को बांधे रखा

भिलाई के रजी मोहम्मद ने पियानो पर अरपा पैरी के धार गीत बजाकर छत्तीसगढ़ी राजगीत पर लोगो को झुमने पर मजबूर किया।

भिलाई के ही मनीषा चौधरी के मैलोडी दल ने भजनों और सुगम संगीत से दर्शकों के कानों में रस घोल दिया।

मैलोडी दल द्वारा राष्ट्र भक्तिगीतों की प्रस्तृति ने भी खूब तालियां बटोरी। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ के दल ने षिव आराधना लघु नृत्य नाटिका से माहौल भक्तिमय बना दिया।

महाशिवरात्रि के पर्व पर भगवान शिव की आराधना की प्रस्तुति पर दर्शकदीर्घा से हर-हर महादेव के स्वर गुंजायमान हो। दिवाकर बहनों गरीमा और स्वर्णा ने छत्तीसगढ़ी गीतों से ऐसे सुरलहरी चलाई की। दर्शक देर रात तक महोत्सव स्थल पर जमें रहे।

Share This Article