रायपुर। छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित कोल घोटाला मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने फरार चल रहे चार्टर्ड अकाउंटेंट राकेश कुमार जैन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि जैन अवैध कोल वसूली की रकम को फर्जी कंपनियों और हवाला नेटवर्क के जरिए घोटाले के मुख्य आरोपियों तक पहुंचाता था।
शुक्रवार को जैसे ही राकेश जैन रायपुर कोर्ट पहुंचा, पहले से मौजूद EOW की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को विशेष न्यायालय में पेश किया गया, जहां न्यायाधीश नीरज शर्मा ने उसे 19 दिसंबर तक 8 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
फर्जी कंपनियों के जरिए करोड़ों की मनी लॉन्ड्रिंग
जांच एजेंसी के अनुसार, राकेश जैन ने फर्जी कंपनियों का जाल खड़ा कर करोड़ों रुपये की अवैध कोल वसूली को वैध लेन-देन दिखाने का काम किया। जांच में सामने आया है कि—
- करीब 50 करोड़ रुपये फर्जी खर्च और एंट्री के जरिए कैश में बदले गए
- यह रकम हवाला नेटवर्क के माध्यम से कोल घोटाले के मुख्य आरोपी सूर्यकांत तिवारी तक पहुंचाई गई
- इसके बदले आरोपी कमीशन लेता था
शराब घोटाले में भी भूमिका, वाइट मनी बनाने का आरोप
EOW की जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि राकेश जैन ने शराब घोटाले से जुड़ी अवैध रकम को भी वाइट मनी में बदलने का काम किया। इसके लिए उसने फर्जी दस्तावेज और एंट्री सिस्टम का इस्तेमाल किया। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस प्रक्रिया में उसने कई सहयोगियों और फर्जी संस्थानों की मदद ली।
शेयर मार्केट में निवेश का झांसा देकर ठगी
पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट राकेश जैन पर यह भी आरोप है कि वह लोगों को शेयर मार्केट में मोटे मुनाफे का लालच देकर ठगी करता था। EOW के मुताबिक—
- निवेश के नाम पर 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी
- जैन के खिलाफ EOW और अन्य थानों में 16 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज
- कोतवाली और मौदहापारा थाना क्षेत्र में भी कई केस दर्ज हैं
साले के नाम पर बनाई 12 से ज्यादा फर्जी कंपनियां
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने—
- अपने और अपने साले के नाम पर 12 से अधिक कंपनियां बनाई
- कर्मचारियों और परिचितों के नाम पर भी फर्जी फर्म तैयार की
- इन्हीं कंपनियों के जरिए अवैध वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग की गई
क्या है 570 करोड़ से ज्यादा का कोल घोटाला?
प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार, छत्तीसगढ़ में कोल परिवहन और परमिट प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं। आरोप है कि—
- ऑनलाइन परमिट को ऑफलाइन कर अवैध वसूली की गई
- प्रति टन कोयले पर तय दर से वसूली होती थी
- कुल 570 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई का अनुमान
इस मामले में अब तक दो पूर्व मंत्री, विधायक, वरिष्ठ अधिकारी और कारोबारी समेत 36 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की जा चुकी है। कई IAS अधिकारी और कारोबारी पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं।
EOW का दावा – और बड़े खुलासे संभव
EOW अधिकारियों का कहना है कि राकेश जैन से पूछताछ में घोटाले से जुड़े कई बड़े नामों और वित्तीय नेटवर्क का खुलासा हो सकता है। पुलिस रिमांड के दौरान मनी ट्रेल, हवाला नेटवर्क और फर्जी कंपनियों की गहराई से जांच की जाएगी।

