छत्तीसगढ़ के कई जिलों में शीतलहर का प्रकोप: तापमान 9.6 डिग्री, लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर

राजेंद्र देवांगन
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बिलासपुर/मुंगेली। प्रदेश में ठंड ने इस सीजन में पहली बार तीखा रूप दिखाया है। गुरुवार को शहर का न्यूनतम तापमान 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 4.2 डिग्री कम रहा। अचानक बढ़ी ठंड ने लोगों की दिनचर्या पर असर डाला। सुबह के समय तीन–चार घंटे तक कड़ाके की ठंड के कारण लोग देर से घरों से बाहर निकले और दफ्तर पहुंचने में भी देरी हुई।

दोपहर में अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री रहा, लेकिन शाम ढलने से पहले ही पारा तेजी से नीचे गिरने लगा और रात में ठंड और ज्यादा महसूस हुई। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि तापमान में गिरावट का यह दौर अभी जारी रहेगा।


13 दिसंबर तक शीतलहर की चेतावनी

मौसम विभाग ने गुरुवार सुबह 10:30 बजे अलर्ट जारी करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ के 19 जिलों में शीतलहर चलने की संभावना है। जिन जिलों में प्रभाव अधिक रहने की संभावना जताई गई है, उनमें शामिल हैं—

  • कोरिया, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सरगुजा, जशपुर, सूरजपुर, बलरामपुर
  • रायगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, बिलासपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़
  • खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, राजनांदगांव, बेमेतरा, रायपुर, दुर्ग, बालोद और कोरबा

इन जिलों में 12 और 13 दिसंबर को सुबह व शाम के समय शीतलहर का असर बना रहेगा।


अलाव का सहारा ले रहे लोग

तेज ठंड के बीच शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में लोग अलाव जलाकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। शहर में कई स्थानों पर सुबह और देर शाम अलाव जलते दिखाई दिए, जैसे—

  • पुराना बस स्टैंड
  • रेलवे स्टेशन
  • सरकंडा क्षेत्र
  • दयालबंद, तोरवा, सेंदरी और आसपास के इलाक़े

ग्रामीण इलाक़ों में भी लोग सामूहिक रूप से अलाव के आसपास बैठकर ठंड से बचाव करते नज़र आए।


लगातार गिर रहा तापमान

  • बुधवार को न्यूनतम तापमान: 9.8°C (सामान्य से 4°C कम)
  • गुरुवार को न्यूनतम तापमान: 9.6°C (सामान्य से 4.2°C कम)

लगातार दूसरे दिन न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे बना रहा। मौसम विभाग ने साफ कहा है कि उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के कारण ठंड में और बढ़ोतरी संभव है।


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राजेंद्र देवांगन (प्रधान संपादक)