सांसद अरुण साव ने लोकसभा में शून्यकाल के दौरान एक बार फिर कटघोरा-मुंगेली-डोंगरगढ़ रेलवे लाइन का मुद्दा उठाया

राजेन्द्र देवांगन
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में उठा चुके हैं। शुक्रवार को शून्यकाल के दौरान श्री साव ने कहा कि देश की आजादी को 75 वर्ष पूर्ण होने वाले हैं, लेकिन मुंगेली और कबीरधाम जिले की जनता आज भी रेल सुविधा के लिए तरस रही है। मुंगेली में तो अंग्रेजों के शासनकाल में रेल लाइन बिछाने का काम प्रारंभ भी हो गया था, परंतु अंग्रेजी शासन के अंत के साथ ही वह योजना बंद हो गई। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र में सरकार बनी तो राज्य की पूर्ववर्ती रमन सरकार व रेल मंत्रालय के बीच एमओयू करा 2018 में कटघोरा से मुंगेली होते हुए डोंगरगढ़ तक 277 कि.मी. नई रेलवे लाइन निर्माण के लिए मंजूरी दी गई। तब इस परियोजना की अनुमानित लागत 4821 करोड़ रुपए थी। स्वीकृति के इतने वर्षों बाद भी आज इस परियोजना के कार्यों में कोई प्रगति नहीं दिख रही है। श्री साव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी व रेल मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में रेलवे का चहुंमुखी विकास हो रहा है। इसलिए उनकी रेल मंत्री जी से मांग है कि वे इस नई रेलवे लाइन के निर्माण में व्यक्तिगत रूप से रुचि लें, ताकि जल्द से जल्द यह परियोजना पूरी हो सकें। उन्होंने कहा कि मुंगेली व कबीरधाम जिले को रेल नेटवर्क से जुड़वाना पहले दिन से उनकी प्राथमिकता में है।

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