जम्मू-कश्मीर के पुंछ में एनकाउंटर जारी, एक जवान घायल: सेना और पुलिस चला रहे ऑपरेशन लसाना; 4 दिन पहले किश्तवाड़ में 3 आतंकी मारे थे

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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ऑपरेशन लसाना के तहत इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है।

जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के सुरनकोट के लसाना इलाके में सेना और आतंकियों के बीच एनकाउंटर जारी है। सोमवार रात को आतंकियों की खबर मिलने के बाद सर्च ऑपरेशन चलाया गया। इस दौरान आतंकियों ने सेना के जवानों पर फायरिंग की, जिसमे रोमियो फोर्स का एक जवान घायल हो गया। मुठभेड़ पुंछ को जम्मू से जोड़ने वाले नेशनल हाईवे के पास हुई।

सेना की व्हाइट नाइट कोर ने ‘X’ पर कहा- सोमवार रात लसाना में आर्मी और जम्मू-कश्मीर पुलिस के ज्वाइंट सर्च ऑपरेशन के दौरान आतंकियों से संपर्क हुआ। आंतकी भाग न पाए, इसके लिए अतिरिक्त जवानों की तैनाती की गई है।

इससे पहले शनिवार को किश्तवाड़ जिले में आतंकवादियों से मुठभेड़ में 9 पंजाब रेजिमेंट के JCO कुलदीप चंद शहीद हुए थे। अखनूर के केरी बट्टल इलाके में शुक्रवार देर रात एनकाउंटर शुरू हुआ था। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेरकर सर्च ऑपरेशन चलाया।

वहीं, शुक्रवार को किश्तवाड़ जिले के घने जंगलों में एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाबलों ने शुक्रवार देर रात तक 3 आतंकियों को मार गिराया। जिसके बाद से जारी सर्च ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने शनिवार को M4 राइफल समेत भारी मात्रा में हथियार, टोपी, दवाइयां, प्राथमिक उपचार सामग्री और मोजे बरामद किए हैं। दवाओं पर पाकिस्तान और लाहौर का पता लिखा है। अधिकारियों ने बताया कि मारे गए तीनों आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के हैं।

1 अप्रैल को आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी

1 अप्रैल को LoC से सटे इलाके में 3 माइन ब्लास्ट हुए और पाकिस्तान की ओर से फायरिंग हुई थी। इसी समय आतंकियों ने घुसपैठ की कोशिश की थी। भारतीय सेना ने जवाबी फायरिंग की थी। जिसमें 4 से 5 घुसपैठियों मारे गए थे।

सेना ने कहा- हमारे सैनिकों ने फायरिंग का जबाव दिया। स्थिति नियंत्रण में है और इस पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। भारतीय सेना LoC पर शांति बनाए रखने के लिए साल 2021 के DGSMO समझौते को बनाए रखने की अपील करती है।

20 दिन में 3 मुठभेड़, 3 एनकाउंटर

बीते 20 दिनों में कठुआ में सुरक्षाबलों की आतंकियों तीन मुठभेड़ हुई हैं। पहली मुठभेड़ 23 मार्च को हीरानगर सेक्टर में हुई थी। सुरक्षाबलों को जैश-ए-मोहम्मद के प्रॉक्सी संगठन पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट से जुड़े 5 आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली थी, लेकिन वे भागने में कामयाब रहे थे।

28 मार्च दूसरी बार मुठभेड़ हुई। जिसमें 2 आतंकी मारे गए थे। 31 मार्च की रात कठुआ में पंजतीर्थी मंदिर के पास तीसरी मुठभेड़ हुई। तीन आतंकियों के इलाके में छिपे होने की सूचना मिली। एक आतंकी के मारे जाने की भी बात सामने आई, लेकिन आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई।

28 मार्च को 4 जवान भी शहीद हुए थे

28 मार्च दूसरी बार मुठभेड़ ग्रुप (SOG) के 4 जवान तारिक अहमद, जसवंत सिंह, जगबीर सिंह और बलविंदर सिंह शहीद हुए थे। इनके अलावा DSP धीरज सिंह समेत तीन जवान घायल हुए थे।

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