Bilaspur High Court: बिलासपुर स्टेशन पर एम्बुलेंस नहीं मिलने पर हाईकोर्ट नाराज, स्वास्थ्य विभाग और रेलवे से जवाब तलब

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
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छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर कैंसर पीड़ित महिला को एम्बुलेंस सुविधा न मिलने और दंतेवाड़ा जिले में एम्बुलेंस की देरी से एक मरीज की मौत को गंभीर लापरवाही करार देते हुए राज्य सरकार और रेलवे को फटकार लगाई है। अदालत ने इस मामले में स्वास्थ्य विभाग के सचिव और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के डीआरएम से व्यक्तिगत रूप से जवाब मांगा है।

मरीजों को तत्काल एम्बुलेंस सुविधा क्यों नहीं मिलती: हाईकोर्ट

हाईकोर्ट ने कहा कि जब राज्य सरकार मुफ्त एम्बुलेंस सेवा जैसी योजनाएं चला रही है, तब भी ज़रूरतमंदों तक सुविधा क्यों नहीं पहुंच पा रही है। अदालत ने यह सवाल उठाया कि आपात स्थिति में मरीजों को तत्काल एम्बुलेंस सुविधा क्यों नहीं मिलती और इसके लिए जिम्मेदार कौन है?

कैंसर पीड़िता महिला की ट्रेन में हो गई मौत
यह मामला तब सामने आया जब रायपुर से बिलासपुर पहुंची एक कैंसर पीड़िता महिला की मौत ट्रेन में हो गई। शव को कुली के सहारे प्लेटफार्म से बाहर लाया गया, लेकिन वहां मौजूद सरकारी एम्बुलेंस ड्राइवर ने शव ले जाने से इनकार कर दिया। करीब एक घंटे तक महिला का परिवार असहाय खड़ा रहा और बाद में निजी प्रयासों से दूसरा वाहन मंगवाया गया।

स्टेशन पर एम्बुलेंस नहीं मिलने पर हाईकोर्ट नाराज

एम्बुलेंस नहीं पहुंचने के कारण बीमार व्यक्ति की मौत
दूसरी घटना दंतेवाड़ा जिले के गीदम की है, जहां 11 घंटे तक एम्बुलेंस नहीं पहुंचने के कारण एक बीमार व्यक्ति की मौत हो गई। परिजन लगातार 108 सेवा को कॉल करते रहे, लेकिन एम्बुलेंस सुबह के बजाय रात में पहुंची।

कोर्ट ने दोनों घटनाओं को देखते हुए लिया स्वतः संज्ञान

इन दोनों घटनाओं को देखते हुए कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका के रूप में सुनवाई शुरू की और पूछा कि आम जनता को समय पर चिकित्सा सुविधा क्यों नहीं मिल रही है।

स्वास्थ्य विभाग और रेलवे से जवाब तलब

अदालत ने स्वास्थ्य सचिव और रेलवे अधिकारियों से विस्तार से जवाब तलब किया है कि अब तक क्या कदम उठाए गए हैं और आगे की योजना क्या है। हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि सरकारी तंत्र की निष्क्रियता और गैरजिम्मेदारी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने व्यवस्था में सुधार की उम्मीद जताते हुए सख्त निर्देश जारी किए हैं।

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