10 वर्ष बाद पकड़ा गया जमीन फर्जीबाड़े का आरोपी

राजेन्द्र देवांगन
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बलरामपुर जिले के इंदरपुर खोरी की 250 एकड़ जमीन को फर्जी तरीके से अपने नाम दर्ज कराकर उसे कोल कंपनी को बेचने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के खिलाफ वर्ष 2015 में धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया था।

आरोपी गढ़वा में छिपकर रह रहा था। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2015 में रामानुजगंज के नायब तहसीलदार कुंजीलाल सिंह ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि ग्राम इंदरपुर में स्थित खसरा क्रमांक 20, रकबा 250 एकड़ शासकीय भूमि को व्यास मुनी यादव, लालजी यादव एवं सहयोगियों ने मिलकर स्वयं के नाम दर्ज का लिया और इसे फर्जी तरीके से कोल माइनिंग कंपनी प्राइवेट लिमिटेड को बेच दी।

मामले की शिकायत के बाद नायब तहसीलदार ने जांच रिपोर्ट के साथ थाने में आवेदन दिया तो पुलिस ने मामले में धारा 420, 467, 468, 120 बी, 34 के तहत अपराध दर्ज किया था।

फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला गिरफ्तार पुलिस जांच में पता चला कि उक्त जमीन वर्ष 1996-97 में शासकीय भूमि, छोटे-झाड़ के जंगल मद में दर्ज थी। उक्त जमीन को निजी नाम में हस्तांतरित करने के लिए फर्जी दस्तावेज मो. याकुब ने तैयार किया था। पुलिस ने मामले में मो. याकुब (50) के खिलाफ अपराध दर्ज किया था। अपराध दर्ज करने के बाद मो. याकुब फरार हो गया था।

पुलिस ने जांच के बाद मो. याकुब को गढ़वा के ईराकी मोहल्ले से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से फरार था। रामानुजगंज थाना प्रभारी रमाकांत तिवारी ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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