सरकारी जमीन बेचने वाला भाजपा पार्षद गिरफ्तार

राजेन्द्र देवांगन
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दुर्ग पुलिस ने भिलाई नगर निगम के वार्ड 34 वीर शिवाजी वार्ड के भाजपा पार्षद संतोष नाथ सिंह उर्फ जलंधर को ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया है। जलंधर ने वार्ड 33 संतोषीपारा कैंप 2 की भाजपा पार्षद एन शैलजा राजू के पति एन धनराजू के साथ मिलकर यह फर्जीवाड़ा कि

मामला दर्ज होने के बाद से जलंधर काफी दिनों से फरार था। इस दौरान उसने एक मामले में अग्रिम जमानत ले ली और सोचा की उसकी गिरफ्तारी नहीं होगी, लेकिन वैशाली नगर पुलिस ने प्लान-बी तैयार करके रखा था। जलंधर ने तहसीलदार की FIR पर तो जमानत ले ली, लेकिन उसने यह नहीं पता था कि देवनाथ गुप्ता ने भी उसके खिलाफ FIR दर्ज कराई है।

वैशाली नगर पुलिस स्टेशन

पुलिस ने जलंधर को पूछताछ के लिए सोमवार दोपहर को थाने बुलाया, इसके बाद वहीं से उसे गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद शाम को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। जलंधर पहली बार नहीं है, जब जेल गया है। वो छावनी थाने का निगरानी बदमाश है और कई बार अलग-अलग मामलों में जेल जा चुका है।

वैशाली नगर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक जलंधर और एन धन राजू ने राजनांदगांव जिले के रहने वाले कुछ लोगों के साथ मिलकर बाबा दीपसिंह नगर में करोड़ों की शासकीय जमीन को फर्जी तरीके से बेचने का काम किया है। इसके लिए उन्होंने फर्जी गवाह, फर्जी ऋण पुस्तिका और दस्तावेज तक तैयार किया।

करोड़ों की शासकीय जमीन की जाली पॉवर ऑफ अटर्नी तैयार करवाई और उसे लोगों को बेच दिया। जब जांच में इसका खुलासा हुआ तो एडिशनल कलेक्टर क्षमा यदु ने इनके खिलाफ मामला दर्ज कराया। वैशाली नगर पुलिस ने मामले की जांच की। जांच में इन लोगों के पास से कंप्यूटर सिस्टम, कलर प्रिंटर, 3 मोबाइल, आधार कार्ड, 2 फर्जी ऋण पुस्तिका और अन्य सामग्री जब्त किया है।

2 साल बाद हुई गिरफ्तारी

वैशाली नगर थाने में इस मामले की शिकायत 21 मार्च 2023 को की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने अपराध निकाल के दौरान वैशाली नगर पुलिस को इसकी जांच करने के निर्देश दिए।

जब पुलिस ने इसकी जांच की तो पाया कि 0.023 हेक्टेयर जमीन जोन क्रमांक 2 वार्ड नंबर 14 बाबादीप सिंह नगर में कब्जा की गई है। यह जमीन शासकीय जमीन है। इसे वार्ड 33 की भाजपा पार्षद एन शैलजा के पति एन धन राजू ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर मुकेश यावने को बेच दिया।

एन धन राजू ने उस जमीन को अरविंद भाई के माध्यम से बिकवाया था। यह जमीन उद्योग विभाग के नाम से दर्ज है। इसके बाद वैशाली नगर थाने में धारा 420, 34 के तहत ठगी का मामला दर्ज किया।

दुर्ग एसपी जितेंद्र शुक्ला ने किया था मामले का खुलासा

फर्जी पहचानकर्ता को खड़ा कर बिकवा दी जमीन

पुलिस ने जांच में पाया कि 18 जुलाई 2017 को हरीश चंद राठौर ने खसरा 5407/3, 5407/4 रकबा 0.07, 0.09 हेक्टेयर को फर्जी पहचानकर्ता खड़ा कर बिकवा दिया। इसके लिए जमीन मालिक अरविंद भाई की जगह पुरुषोत्तम डोंगरे (65 साल) निवासी शांति नगर चिखली जिला राजनांदगांव को खड़ा किया गया।

इसी तरह पहचानकर्ता गवाह की जगह तिलकचंद गोडाने (34 साल) निवासी पेन्ड्री अटल आवास राजनांदगांव और खेमचंद उर्फ खेमू डोंगरे (28 साल) निवासी मोतिकपुर सुनालचाल थाना चिखाली राजनांदगांव को खड़ा किया गया।

इस मामले में पुलिस पहले भी कई लोगों को कर चुकी है गिरफ्तार

पहले लिया पावर ऑफ अटॉर्नी, फिर बेची जमीन

आरोपियों ने पहले फर्जी जमीन मालिक और पहचानकर्ता को खड़ा करके अपने नाम पर जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी लिया। इसके लिए फर्जी दस्तावेज दुर्गा कंप्यूटर मालवीय रोड से संतोष साहू से बनवाए गए। उसने लाइसेंसी ईश्वर यादव के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाया। फिर हरीश राठौर ने पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कर ऋण पुस्तिका हेमंत सोनवानी से 5000 में प्राप्त किया।

10-10 लाख रुपए में बेच दी जमीन

एन धनराजू और संतोष नाथ ने हरीश से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 10-10 लाख रुपए में 20 जुलाई 2017 को रजिस्ट्री करा लिया। एन धनराजू ने बताया कि भूस्वामी अरविंद भाई के खाते की जानकारी रजिस्ट्री में लेख नहीं की गई है और न ही अब तब की विवेचना में किसी के अरविंद या पुरुषोत्तम के खाते में जमीन बेचने का उल्लेख किया गया है।

पुरुषोत्तम डोंगरे बना अरविंद भाई

पुरुषोत्तम डोंगरे निवासी शांति नगर चिखली राजनांदगांव अरविंद भाई की जगह खड़े होकर पावर ऑफ अटॉर्नी लिया। उसने उप पंजीयक के सामने खड़े होकर फर्जी दस्तावेज दिए और खुद को अरविंद भाई बताया। इसलिए उसके खिलाफ धारा 420,467,468,471,120 बी के तहत मामला दर्ज किया गया।

इस तरह पावर ऑफ अटॉर्नी में तिलकचंद गोडाने निवासी पेन्ड्री अटल आवास राजनांदगांव और खेमचंद उर्फ खेमू डोंगरे निवासी मोतिकपुर चिखाली राजनांदगांव फर्जी गवाह बनकर खड़े हुए। उन्होंने उप पंजीयक के सामने गवाही दी कि पुरुषोत्तम ही अरविंद भाई है।

इस तरह तैयार किए गए थे फर्जी दस्तावेज

फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाला गया जेल

हरिशचंद राठौर (48 साल) निवासी सेक्टर 2 सड़क नंबर 3 क्वाटर नंबर 8/बी के खिलाफ भी ठगी का मामला दर्ज कर जेल भेजा गया है। उसने जानते हुए भी कि पुरुषोत्तम अरविंद भाई नहीं है, अरविंद की जमीन के पावर ऑफ अटॉर्नी पेपर तैयार करवाया। साथ ही पुरुषोत्तम को अरविंद भाई की जगह खड़ा कर पावर ऑफ अटॉर्नी के पेपर दिलवाए। इसके लिए उसने पुरुषोत्तम से 50 रुपए लिए थे।

फर्जी लाइसेंस तैयार करने वाला भी गिरफ्तार

पुलिस ने फर्जी लाइसेंस तैयार करने वाले संतोष कुमार साहू (46 साल) निवासी दीपक नगर मालवीय चौक थाना मोहन नगर दुर्ग के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। संतोष ने फर्जी लाइसेंस तैयार किया। लाइसेंस में ईश्वर यादव का नाम एडिट कर उसकी जगह अरविंद भाई का नाम लिखवाया। इस तरह उसने फर्जी लाइसेंस तैयार किया।

इनके खिलाफ मामला दर्ज

  • हेमंत सोनवानी (63 साल), निवासी एम.डी. 345 बोरसी थाना पदनाभपुर, जिला दुर्ग
  • टीकाराम महोबे उर्फ भाउ ( 64 साल), निवासी जयंति नगर ,धान मंडी के पीछे दुर्ग
  • संजय शर्मा (45 साल), निवासी मठपारा चंडी मंदिर के पास दुर्ग
  • कोटवार, राजनांदगांव
  • संतोष नाथ उर्फ जलंधर
  • एन. धनराजू
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