बैगा समाज को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध : मोहम्मद अकबर

राजेन्द्र देवांगन
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बैगा समाज को विकास के मुख्यधारा में जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध : मोहम्मद अकबर

मंत्री श्री अकबर ने जिला मुख्यालय कवर्धा मे बैगा समाज के सामुदायिक भवन के लिए 20 लाख रूपए देने की घोषणा

भोरमदेव मेला स्थल पर अयोजित बैगा समाज के सम्मेलन में शामिल हुए

कवर्धा, 29 जनवरी 2021। प्रदेश के वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर और पंडरिया विधायक श्रीमती आज शुक्रवार को एक दिवसीय प्रवास के दौरान भोरमदेव मेला स्थल पर अयोजित बैगा समाज के सम्मेलन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जिले में निवासरत् विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति समाज को विकास के मुख्य धारा में जोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्ध है। इसी प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने बैगा समाज को मुख्यधारा में जोड़ने के लिए अपनी पहल भी शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा है कि प्रदेश का पहला कबीरधाम जिला है जहां सरकार की नई नीति के तहत जिले में निवासरत् बैगा समाज के शिक्षित सैकड़ों बैगा युवक-युवतियों को स्थानीय स्तर पर रोजगार देते हुए शाला संगवारी के रूप में चयनित किया गया है। बैगा समाज के यह पढ़ी लिखी पीढ़ि खुद पढ़ लिखकर अब समाज को भी शिक्षा की अलख जगा रही है। मंत्री श्री अकबर ने बैगा समाज के विशेष मांग को पूरा करते हुए बैगा समाज के लिए जिला मुख्यालय कवर्धा में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख रूपए देने की घोषणा की।
मंत्री श्री अकबर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के वनांचल और जंगलों के बीच रहने वाले वनवासियो, आदिवासी और विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक तथा आर्थिक उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है।

वनांचल और जंगलों के बीच सदियों से निवास करने वाले लोगों के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए अनेक आयोजनाएं संचालित कर रही है। इसके अलावा उन्हे आर्थिक रूप में मजबूत और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर देने के लिए वनोपज सग्रहण के लिए नीतियां बनाई गई है। वनोपज, महुआ का समर्थन मूल्य 17 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए प्रति किलो की दर निर्धारित किया गया है। तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 25 सौ रूपए से बढ़ाकर सीधे 4 हजार रूपए कर दिया गया है। प्रदेश भर में 856 हाट-बाजारों में लघु वनोपज की खरीदी की नई व्यवस्था देने से प्रदेश के किसानों से लेकर वनो में निवारत लाखों वनवासियों को इसका सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों को समाजिक सुरक्षा का लाभ देने के लिए सहित शहीद महेन्द्र कर्मा तेंदूपत्ता संग्राहक समाजिक सुरक्षा योजना बनाई गई है। पूरे प्रदेश में इस योजना के तहत तेंदूपत्ता संग्राहक में लगे हुए लगभग 12 लाख 50 हजार संग्राहक परिवारो को समाजिक सुरक्षा का लाभ मिलेगा। उन्होंने बताया कि संग्राहक परिवार के मुखिया की मृत्यु होने पर उनके उत्तराधिकारी को 4 लाख रूपए देने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश के नई सरकार द्वारा लोक व जनकल्याण, किसानों, वन वासियों और प्रदेश के नागरिकों के आर्थिक उत्थान व उनके सर्वाग्रीण विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है।

वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री मोहम्मद अकबर ने कहा राज्य सरकार प्रदेश के सर्वाग्रीण विकास, लोगों के आर्थिक विकास, उत्थान और किसानों के जीवन को विकास के मुख्यधारा से जोड़ते हुए प्रदेश के सेवा और जतन की दिशा में काम कर रही है। उन्होने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लिए गए ठोस फैसले जैसे कृषि ऋण माफी, सिंचाई कर माफी, धान के समर्थन मुल्य 25 सौ रूप्ए प्रति कि्ंवटल दर,समर्थन मूल्य पर 52 प्रकार के लघु वनोपजों की खरीदने की व्यवस्था, महुआ का समर्थन मुल्य 17 रूपए से बढ़ाकर 30 रूपए समर्थन मूल्य करने, तेन्दूपत्ता संग्रहण पारिश्रमिक दर 25 सौ रूपए से बढ़ाकर सीधे 4 हजार रूपए करने, प्रदेश भर में 856 हाट-बाजारों में लघु वनोपज की खरीदी की नई व्यवस्था देने से प्रदेश के किसानों से लेकर वनो में निवारत लाखों वनवासियों का आत्मविश्वास बढ़ा है।

उन्होने कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में 15 वर्षों से लंबित 207 करोड़ रूपए का सिंचाई कर माफ किया है। उन्होने कहा कि हमारा छत्तीसगढ़ राज्य देश के अग्रणीय राज्यों में शामिल हो गया है। उन्होने कहा कि देश में धान का सर्वाधिक समर्थन मूल्य पर धान खरीदी करने वाला पहला राज्य बन गया है। देश में महुआ का सर्वाधिक समर्थन मूल्य 30 रूपए प्रति किलो की दर वनोपज खरीदने वाला पहला राज्य बन गया है। उन्होने कहा कि सर्वभौम पीडीएस योजना के तहत सभी परिवारों को राशन देने में देश के पहला राज्य बन गया है। गौधन योजना के तहत दो रूपए प्रतिकिलो की दर से गोबर खरीदी करने वाला देश में पहला राज्य बन गया है। उन्होने कहा कि जैविक खेती करने वाला देश में छत्तीसगढ़ भी पहला राज्य बनने वाला है। उन्होने कि प्रदेश सरकार जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए राज्य भर में गोबर से जैविक खाद बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बनते ही किसानों के हित में किसानों के कल्याण के लिए किए गए वादा को निभाते हुए राज्य के 16 लाख 50 हजार किसानों के 8 हजार 818 करोड़ रूपए का कर्जा माफ कर देश में किसानों के कर्जा माफ करने वाला पहला राज्य बन गया है।

मंत्री श्री अकबर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा किसानों के ऋण माफ करने के बाद कर्ज के बोझ से खेती-किसानी छोड़ चुके किसान भी कर्जमाफी के बाद पुनः खेती की ओर लौटने लगे है।

कर्जा माफ होने से किसानों के चहरे में खुशहाली आई है, किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है। इस अवसर पर बैगा समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री ईतवारी मछिया, श्री प्रभाती मरकाम, अध्यक्ष बैगा विकास प्राधिकरण श्री पुसुराम बैगा, श्री शिवकुमार बैगा, श्री धनीराम बैगा, श्री केशव प्रसाद, श्री बृजलाल बैगा, श्री श्री लालु सिंह बैगा, श्री सुंदर सिंह बैगा, श्री कृष्णा बैगा, श्री लमान सिंह बैगा सहित समाज के वरिष्ठजन एवं सभी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष एवं सदस्य उपस्थित थे।

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