PM मोदी और EU की अध्यक्ष के बीच अहम बातचीत, भारत से जापान-दक्षिण कोरिया जैसे सुरक्षा साझेदारी चाहता है यूरोपीय संघ

राजेन्द्र देवांगन
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भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के बीच शुक्रवार को अहम बातचीत हुई है। दोनों नेताओं ने भारत और यूरोप संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी को नयी गति प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया है। बता दें कि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ‘ईयू कॉलेज ऑफ कमिश्नर्स’ यानी समूह के 27 सदस्य देशों के वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं के साथ भारत की यात्रा पर पहुंची हैं।

पीएम मोदी और उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने शुक्रवार को रक्षा, सुरक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक साझेदारी का विस्तार करने का संकल्प लिया है। इसके साथ ही इस साल के आखिर तक यूरोपीय संघ और भारत के मुक्त व्यापार समझौते को भी पूरा करने की बात कही गई है। पीएम मोदी ने भारत और EU की साझेदारी को ‘स्वाभाविक और जैविक’ बताया है।

पीएम मोदी ने भारत और यूरोप के बीच संपर्क के मुद्दे पर कहा कि भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे (IMEEC) को आगे ले जाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। पीएम मोदी ने कहा- ‘‘मुझे विश्वास है कि आईएमईईसी गलियारा वैश्विक वाणिज्य, सतत विकास और समृद्धि को आगे बढ़ाने के लिए एक इंजन साबित होगा। भारत और यूरोपीय संघ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा, स्थिरता और समृद्धि के महत्व पर सहमत हैं।’’

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष वॉन डेर लेयेन ने प्रधानमंत्री मोदी के साथ वार्ता के बाद कहा कि हम भारत के साथ यूरोपीय संघ के संबंधों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाना चाहते हैं। EU की अध्यक्ष ने एक थिंक टैंक को संबोधित करते कहा है कि यूरोपीय संघ जापान और दक्षिण कोरिया के साथ किए गए समझौतों की तरह भारत के साथ भविष्य में ‘‘सुरक्षा साझेदारी’’ की संभावनाएं तलाश रहा है। उन्होंने बताया कि दुनिया किस तरह से खतरों से भरी हुई है। शक्ति को लेकर महाप्रतिस्पर्धा का आधुनिक संस्करण यूरोप और भारत को अपनी साझेदारी के संबंध में ‘‘पुन: कल्पना’’ करने का अवसर देता है। वॉन डेर लेयेन ने कहा है कि भारत अपनी सैन्य आपूर्ति में विविधता लाने और नयी क्षमताओं तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है। मेरा मानना है कि हम अपने सुरक्षा उद्देश्यों को पूरा करने में एक-दूसरे की मदद कर सकते हैं।

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