CGPSC घोटाला: कारोबारी श्रवण गोयल के पुत्र और बहू की जमानत याचिका खारिज

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

रायपुर: छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले में जेल में बंद कारोबारी श्रवण गोयल के पुत्र शशांक गोयल और बहू भूमिका की जमानत याचिका विशेष सीबीआई कोर्ट ने खारिज कर दी है। बुधवार को हुई सुनवाई में सीबीआई ने घोटाले में दोनों की संलिप्तता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।

सीबीआई का तर्क था कि जांच अभी जारी है और जमानत मिलने से जांच व साक्ष्य प्रभावित हो सकते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश लीलाधर साय यादव ने उनकी जमानत याचिका नामंजूर कर दी।

2020-22 की परीक्षाओं में घोटाले के आरोप

यह मामला 2020 से 2022 के बीच आयोजित CGPSC परीक्षाओं और साक्षात्कार में हुई धांधली से जुड़ा है। इसमें डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी जैसे उच्च पदों पर चयन में अनियमितताओं के आरोप लगे थे। दावा किया गया था कि पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों और कुछ प्रभावशाली व्यक्तियों के करीबियों को फायदा पहुंचाया।

सीबीआई ने इस मामले में पहले ही CGPSC के पूर्व चेयरमैन टामन सिंह सोनवानी और बजरंग पावर के डायरेक्टर श्रवण कुमार गोयल को गिरफ्तार किया है।

भ्रष्टाचार और अनियमितता के आरोप

घोटाले का मामला 2019 से 2022 तक की CGPSC भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। EOW और अर्जुंदा पुलिस ने भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के आरोप में मामला दर्ज किया था।

  • 2020 में 175 पदों और 2021 में 171 पदों पर भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी।
  • 2022 में प्री और मेन्स परीक्षा आयोजित हुई, जिसमें बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के आरोप लगे।
  • आरोप है कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने अपने रिश्तेदारों और VIP व्यक्तियों के करीबी लोगों को चयन प्रक्रिया में फायदा पहुंचाया।

CGPSC घोटाले की जांच अभी जारी है, और इस मामले में कई बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Share This Article