उद्योगपति के बेटे के अपहरण की साजिश नाकाम, हरियाणा के कुख्यात फौजी गैंग के साथ दो स्थानीय युवक गिरफ्तार

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक उद्योगपति के बेटे के अपहरण की साजिश रचने वाले दो युवकों को पुलिस ने हरियाणा के कुख्यात फौजी गैंग के सदस्यों के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में अंबिकापुर निवासी साहिल गोयल और आर्यन मुखर्जी शामिल हैं, जिन्होंने गैंग के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाई थी।

फिरौती के लिए रची गई थी साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि फौजी गैंग पहले भी अंबिकापुर के एक कारोबारी से 11 लाख रुपये की फिरौती वसूल चुका था। इस वारदात में भी साहिल और आर्यन की संलिप्तता पाई गई थी। दोनों ने गैंग को उद्योगपति के घर और व्यवसाय से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी थी।

रायपुर से अंबिकापुर तक पीछा, अंतिम क्षणों में टला अपहरण 14 और 15 दिसंबर की रात फौजी गैंग के बदमाशों ने उद्योगपति की गाड़ी का रायपुर से अंबिकापुर तक पीछा किया। जब आरोपियों को पता चला कि गाड़ी में उद्योगपति का भतीजा है, तो उन्होंने अपहरण को टाल दिया और नए मौके का इंतजार करने का फैसला किया।

बड़ी साजिश का पर्दाफाश फौजी गैंग के सदस्यों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि अपहरण के लिए साहिल और आर्यन ने पूरी योजना बनाई थी। दोनों ने गैंग को उद्योगपति के कार्यालय और निवास स्थल की जानकारी दी और फिरौती के लिए रवि मार्बल दुकान को भी निशाना बनाया।

पहले भी कारोबारी से वसूले थे 11 लाख रुपये गैंग ने 16 दिसंबर को अंबिकापुर के रवि मार्बल संचालक शेखर अग्रवाल को जान से मारने की धमकी देकर 50 लाख रुपये मांगे थे। आरोपी दुकान से 77 हजार रुपये लूटने के बाद 10 लाख रुपये की फिरौती भी वसूल चुके थे।

पुलिस ने गैंग के 9 सदस्यों को किया गिरफ्तार सीतापुर थाना क्षेत्र में एक युवक की बाइक लूट मामले में पुलिस ने फौजी गैंग के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इनमें विजय लोहार, अभिषेक सिंधु, अजमेर खान, सागर पहलवान, अमित कुमार, अजय, मन्नु लोहार, मनीष सिंह उर्फ बाबा और प्रवीण पंचाल शामिल हैं।

हथियारों का जखीरा बरामद गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर एक पिस्टल, एक डमी पिस्टल और दो एयरगन बरामद की हैं।

अपहरण के लिए तैयार नहीं था गैंग पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गैंग फिरौती वसूलने में रुचि रखता था, लेकिन बच्चों के अपहरण को लेकर अनिच्छुक था।

जमीन विवाद के चलते बुलाया गया था गैंग पुलिस जांच में पता चला है कि विवादित जमीन खाली कराने के लिए फौजी गैंग को अंबिकापुर बुलाया गया था। इसी दौरान आरोपियों ने बड़ी फिरौती वसूली की योजना बनाई।

पुलिस अब इस साजिश में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है।

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