कांकेर जिले के नरहरपुर वन क्षेत्र के इमलीपारा गांव में एक मादा भालू ने खाली मकान को अपना आश्रय बना लिया है और वहां दो शावकों को जन्म दिया है। इसकी जानकारी मिलने के बाद गांव के लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों की बढ़ती भीड़ से मादा भालू आक्रामक हो गई है।
भालू के मूवमेंट पर वन विभाग की नजर
वन परिक्षेत्र अधिकारी चरण सिंह ठाकुर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क है। क्षेत्र में मुनादी करवाकर ग्रामीणों को भालू वाले इलाके में जाने से सख्त मना किया गया है। वन विभाग ने अपील की है कि भालू को परेशान न करें और उसके आस-पास जाने से बचें। अधिकारियों का मानना है कि मादा भालू रात में अपने शावकों को लेकर जंगल की ओर लौट सकती है।
पिछली घटनाओं से लोग सतर्क
इस क्षेत्र में भालुओं के हमलों की कई घटनाएं हो चुकी हैं। डोंगरकट्टा में भालू के हमले में पिता-पुत्र की मौत हो गई थी और एक वन कर्मचारी घायल हुआ था। सारंडा में भी भालू ने एक ही परिवार के दो सदस्यों की जान ली थी। कुर्रूभाट में तीन भालुओं ने एक व्यक्ति पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया था।
वन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। ग्रामीणों से सतर्क रहने और भालू से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।

