जिला प्रशासन के नाक के नीचे ढेंगुरनाला में रेत का अवैध उत्खनन एक बार फिर शुरू हो गया है। सक्रिय रेत माफियाओं

राजेन्द्र देवांगन
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जिला प्रशासन के नाक के नीचे ढेंगुरनाला में रेत का अवैध उत्खनन एक बार फिर शुरू हो गया है। क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं

कोरबा। जिला प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों के नाक के नीचे ढेंगुरनाला में रेत का अवैध उत्खनन एक बार फिर शुरू हो गया है। क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं द्वारा कोरबा-बालको मुख्य मार्ग पर स्थित ढेंगुरनाला से प्रतिदिन कई ट्रैक्टर रेत को ना केवल निकाला जा रहा है बल्कि डंके की चोट पर परिवहन कर उसे शहर में खपाया जा रहा है जिससे शासन को बड़े पैमाने पर राजस्व की हानि हो रही है। ऐसा नहीं है कि यहां चल रहे रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन की जानकारी खनिज अथवा पुलिस के अधिकारियों को नहीं है। जानकारी होने के बावजूद अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से माफियाओं के हौसले काफी बुलंद हैं। ये रेत माफिया पूर्व में रात्रि में जो एक-दो ट्रैक्टर रेत चोरी-छिपे निकालते थे वे अब दिनदहाड़े रेत को निकालकर खुलेआम परिवहन करने से गुरेज नहीं कर रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी मात्रा में नाला से रेत निकाले जाने से वह खोखला होता जा रहा है। जिले में रेत की चोरी रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा टॉस्क फोर्स भी गठित किया गया है। टॉस्क फोर्स द्वारा प्रारंभ में रेत चोरी व अवैध परिवहन के खिलाफ की गई थी जिससे माफियाओं में हडक़ंप मचा था किंतु अब टॉस्क फोर्स द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किये जाने से रेत माफिया फिर सक्रिय हो गए हैं।

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