छत्तीसगढ़ बनेगा देश का फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस हब: स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी का ऐलान

राजेन्द्र देवांगन
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छत्तीसगढ़ में बनेगा फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस हब,  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का ऐलान

रायपुर। छत्तीसगढ़ को फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस हब के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने रायपुर के सिविल लाइन सर्किट हाउस में आयोजित खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला में यह महत्वपूर्ण घोषणा की। इस कार्यशाला में प्रदेश भर से 100 औषधि नियामक अधिकारी शामिल हुए।

मेडिकल व्यापार का प्रमुख केंद्र बनेगा छत्तीसगढ़

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, “देश के 30 लाख करोड़ रुपये के मेडिकल व्यापार का आधार औषधि और मेडिकल डिवाइस की गुणवत्ता है। छत्तीसगढ़ इस क्षेत्र में अपनी अहम भूमिका निभाने की ओर अग्रसर है। दवा और मेडिकल डिवाइस की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और इस क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी बनाना हमारा उद्देश्य है। यह प्रशिक्षण कार्यशाला प्रदेश को फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।”

उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि उनके कार्य पर पूरे देश का विश्वास है। गुणवत्ता बनाए रखने और इस विश्वास को कायम रखने के लिए दायित्वों का निर्वहन बेहद महत्वपूर्ण है।

दवा और डिवाइस व्यापार में लगातार वृद्धि

खाद्य एवं औषधि विभाग के नियंत्रक चंदन कुमार ने बताया कि औषधि और मेडिकल डिवाइस के व्यापार में तेजी से वृद्धि हो रही है। भारत आज विश्वभर में इन उत्पादों का सबसे बड़ा निर्यातक बन गया है। उन्होंने कहा, “दुनिया का शायद ही कोई ऐसा देश है, जहां भारतीय दवाओं और मेडिकल डिवाइस की आपूर्ति न हो रही हो।”

चंदन कुमार ने खाद्य नियंत्रकों और सुरक्षा अधिकारियों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से लोगों को उच्च गुणवत्ता वाले मेडिकल संसाधन उपलब्ध हो रहे हैं।

छत्तीसगढ़ को मिलेगा विशेष स्थान

इस घोषणा के साथ, छत्तीसगढ़ को मेडिकल क्षेत्र में विशेष स्थान मिलने की उम्मीद है। फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस के उत्पादन और गुणवत्ता नियंत्रण में प्रदेश अग्रणी बनेगा। इससे न केवल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि यहां रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

नवाचार और प्रशिक्षण से होगा विकास

यह प्रशिक्षण कार्यशाला छत्तीसगढ़ के औषधि और खाद्य नियामकों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक साबित होगी, बल्कि उन्हें नई चुनौतियों के लिए तैयार भी करेगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस तरह के नवाचार और प्रशिक्षण से प्रदेश में गुणवत्ता प्रबंधन में सुधार होगा और छत्तीसगढ़ देश के अन्य राज्यों के लिए एक मिसाल बनेगा।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ को फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस हब के रूप में विकसित करने की इस पहल से राज्य में औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। यह कदम न केवल स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करेगा, बल्कि प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।

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