रेप केस के नाम पर 61 लाख की ब्लैकमेलिंग: युवती और तीन साथी गिरफ्तार, 10 लाख नगद बरामद

राजेन्द्र देवांगन
4 Min Read
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रेप का मामला खत्म कराने के लिए मांगे 61 लाख, चार आरोपी गिरफ्तार: पुलिस ने 10 लाख रुपये नगद किए जब्त

सरगुजा। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में एक चौंकाने वाले मामले में युवती और उसके तीन साथियों ने रेप का मामला खत्म कराने के लिए रायपुर के एक व्यवसायी से 1 करोड़ रुपये की मांग की। बातचीत के बाद यह सौदा 61 लाख रुपये में तय हुआ। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास से 10 लाख रुपये नगद बरामद किए।

कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम?

सरगुजा जिले के कमलेश्वरपुर थाने में एक महीने पहले रायपुर के व्यवसायी विनोद केडिया के खिलाफ एक युवती ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। युवती ने पुलिस को बताया था कि व्यवसायी ने उसे मैनपाट के रिसॉर्ट में ले जाकर दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया, लेकिन मुख्य आरोपी को अभी तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका।

इस बीच, व्यवसायी के रिश्तेदार सुभाष चंद्र अग्रवाल को संतोष विश्वकर्मा नामक युवक ने संपर्क कर मामले को खत्म कराने की बात कही। 22 दिसंबर को संतोष ने रायपुर आकर 1 करोड़ रुपये की मांग की। बातचीत के बाद यह सौदा 61 लाख रुपये में तय हुआ।

पुलिस की रणनीति और गिरफ्तारी

संतोष विश्वकर्मा ने पहले 21 लाख रुपये टोकन मनी की मांग की। 24 दिसंबर को सुभाष अग्रवाल ने अंबिकापुर पहुंचकर कोर्ट के पीछे संतोष को 5 लाख रुपये की पहली किश्त दी। इस दौरान अल्टो कार में युवती और अन्य साथी भी मौजूद थे।

25 दिसंबर को दूसरी किश्त के लिए अनन्या होटल के पास सुभाष चंद्र अग्रवाल ने पैसे देने का नाटक किया। जैसे ही संतोष ने पैसे लिए, कोतवाली पुलिस ने छापा मारकर युवती, संतोष और उनके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार कर लिया।

जब्त की गई संपत्ति और आरोपियों पर केस दर्ज

पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 लाख रुपये नगद, एक अल्टो कार और एक स्कूटी जब्त की है। गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:

  • संतोष विश्वकर्मा (34) निवासी कुमदा कॉलोनी, विश्रामपुर
  • कमलेश देवांगन (39) निवासी मनेंद्रगढ़
  • घनश्याम विश्वकर्मा (34) निवासी माहोरपारा, मनेंद्रगढ़
  • रेप की शिकायत करने वाली युवती

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 308(2), 308(7), और 61(2) के तहत अपराध दर्ज किया है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।

पुलिस का बयान

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) अमोलक सिंह ने बताया कि आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी विनोद केडिया की भी तलाश कर रही है।

क्या कहती है यह घटना?

यह घटना ना केवल कानून का दुरुपयोग करने की कोशिश को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि किस तरह से लोग न्याय प्रणाली का लाभ उठाकर पैसे ऐंठने का प्रयास करते हैं। पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई कर दोषियों को गिरफ्तार किया, लेकिन मुख्य आरोपी विनोद केडिया की गिरफ्तारी अब भी लंबित है।

(यह मामला न्यायालय के अधीन है, और अंतिम निर्णय अदालत द्वारा लिया जाएगा।)

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