गुरपतवंत सिंह पन्नू की धमकी पर विदेश मंत्रालय सख्त, कहा- गंभीरता से ले रहे हैं मामला

राजेन्द्र देवांगन
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गुरपतवंत सिंह पन्नू की धमकी पर विदेश मंत्रालय की प्रतिक्रिया और पीएम मोदी की कुवैत यात्रा पर चर्चा

पन्नू की धमकी पर विदेश मंत्रालय का सख्त रुख

सिख अलगाववादी और खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा अमेरिका में भारतीय राजदूत विनय मोहन क्वात्रा को दी गई धमकियों पर विदेश मंत्रालय ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, “हम इन धमकियों को बहुत गंभीरता से लेते हैं और इसे अमेरिकी सरकार के समक्ष उठाते हैं।” उन्होंने कहा कि इस मामले में भी हमने अमेरिकी सरकार से संपर्क किया है और हमें उम्मीद है कि वे हमारी सुरक्षा चिंताओं को गंभीरता से लेंगे।

पीएम मोदी की कुवैत यात्रा: द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार से शुरू हो रही अपनी दो दिवसीय कुवैत यात्रा के दौरान कुवैत के नेताओं से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस यात्रा से भारत और कुवैत के संबंधों को एक नई मजबूती मिलेगी। यात्रा के दौरान पीएम मोदी कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद अल-जबर अल-सबा के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस यात्रा का उद्देश्य रक्षा, व्यापार और ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना है। साथ ही, पीएम मोदी कुवैत में भारतीय समुदाय के लोगों से भी बातचीत करेंगे।

भारत-कुवैत द्विपक्षीय संबंधों का ऐतिहासिक महत्व

कुवैत, भारत के शीर्ष व्यापारिक साझेदारों में से एक है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में भारत और कुवैत के बीच द्विपक्षीय व्यापार 10.47 अरब अमेरिकी डॉलर का रहा। कुवैत भारत का छठा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है, जो देश की ऊर्जा आवश्यकताओं का तीन प्रतिशत तक पूरा करता है।

1981 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कुवैत का दौरा किया था। उसके बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली आधिकारिक यात्रा होगी।

कुवैत के साथ बढ़ते संबंध

कुवैत के अमीर शेख मेशाल अल-अहमद के आमंत्रण पर हो रही यह यात्रा भारत और कुवैत के संबंधों को नई दिशा देगी। 2017 में कुवैत के अमीर ने भारत की निजी यात्रा की थी, जबकि 2013 में कुवैत के प्रधानमंत्री ने भारत का दौरा किया था।

भारतीय समुदाय की भूमिका

कुवैत में भारी संख्या में भारतीय समुदाय के लोग रहते हैं, जो द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस यात्रा के माध्यम से पीएम मोदी भारतीय समुदाय से संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं को सुनेंगे।

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