माओवादी नेता को फोर्स ने घेरा था, ग्रामीणों का आड़ लेकर फरार

राजेन्द्र देवांगन
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जगदलपुर। दक्षिण अबुझमाड़ के कलहाजा-डोडरबेड़ा के जंगल में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुए मुठभेड़ पर बस्तर आई जी सुंदर राज ने बड़ा खुलासा किया है। 14 दिसंबर को हुए प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा था कि मुठभेड़ में कुल सात नक्सली मारे गए थे, जिनमें सभी नक्सलियों पर कुल 40 लाख का इनाम घोषित था। इसमें नक्सली रामचन्द्र उर्फ कार्तिक भी ढेर हुआ जिसपर 25 लाख का ईनाम था। बता दें कि, नक्सली कार्तिक ओडिशा का मोस्ट वांटेड नक्सली था। वहीं, मुठभेड़ के दौरान नक्सलियों की गोली से 4 ग्रामीण भी घायल हुए, जिनका उपचार जारी है।

वही, इस मुठभेड़ को लेकर बीते मंगलवार को भी बस्तर आई जी सुंदर राज ने बड़ा खुलासा उन्होंने कहा कि एनकाउंटर में चार नाबालिग घायल हुए हैं, जिनका इलाज कराया जा रहा है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी का दावा है कि नक्सली कार्तिक को बचाने के लिए माओवादियों ने नाबालिगों को ढाल बनाया। इसमें एक 17 साल की नाबालिग लड़की भी शामिल है, जिसे बेहतर उपचार के लिए रायपुर लाया गया है। बता दें कि, ओरछा नारायणपुर निवासी नाबालिग लड़की को DKS अस्पताल के न्यूरो सर्जरी जनरल वार्ड में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की टीम गोली निकलने के लिए मेडिकल डिस्कशन में जुटी हुई है।

  बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि, माओवादियों के मिलिशिया सदस्यों ने गोलीबारी के दौरान माओवादी नेता कार्तिक को बचाने के लिए नाबालिगों सहित ग्रामीणों का इस्तेमाल किया। नक्सलियों ने अपने सामान को लाने-ले जाने के लिए ग्रामीणों को अपने साथ रखा था। मुठभेड़ शुरू होने के बाद, उन्होंने इन नागरिकों को अपने कवर के रूप में इस्तेमाल करते हुए सुरक्षाकर्मियों पर गोलीबारी की, जिसमें ये लोग घायल हुए हैं।

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