रायगढ़ में अवैध रेत खनन रोकने NSUI ने दिया आवेदन: कलेक्टर से खनन रोकने की मांग, प्रदर्शन करने की दी चेतावनी

राजेन्द्र देवांगन
2 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर अवैध रेत खनन बंद कराने की मांगरायगढ़ में अवैध रेत उत्खनन रोकने की मांग को लेकर NSUI ने मंगलवार को कलेक्टर के नाम आवेदन सौंपा है। NSUI का आरोप है कि जिले में सभी रेत घाट बंद हैं, बावजूद इसके जमकर रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है।.NSUI की माने तो मांड नदी में अलग-अलग जगहों से सुबह से लेकर शाम तक अवैध खनन किया जा रहा है। इसके बाद रेत ट्रेक्टर में लोड कर ले जाया जा रहा है।

लेबड़ा, रानीगुड़ा और बाईंग सहित कई घाटों से हर दिन सैकड़ों की संख्या में रेत से भरी गाड़ियां निकल रही हैं।वहीं खनिज विभाग और एनजीटी के नियमों को ताक में रखते हुए पोकलेन नदी में उतार कर अवैध रूप में रेती की तस्करी की जा रही है। NSUI ने जल्द से जल्द अवैध रेत घाट को बंद कराए जाने की मांग की है। वहीं अवैघ उत्खनन बंद न करने पर NSUI ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।एनएसयूआई के पदाधिकारियों का कहना बंद नहीं हुआ रेत घाट तो होगा आंदोलन रेत घाट ही वैध, बाकी बंद पड़े बताया जा रहा है कि जिले में तकरीबन 35 से अधिक रेत घाट हैं, लेकिन सभी बंद पड़े हैं और मात्र उसरौट का ही रेत घाट वैध है। इसके बाद भी शहर की सड़कों में रेत का परिवहन होते हुए हर दिन देखा जा सकता है।

अवैध रेत उत्खनन से शासन को जमकर रायल्टी का भी नुकसान हो रहा है।कई बार की गई शिकायत एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष आरिफ हुसैन ने बताया कि लेबड़ा, रानीगुड़ा व र्बाइंग के घाट से अवैध रेत खनन को देखकर क्षेत्र के ग्रामीणों ने पूर्व में शिकायत भी की थी, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई।उनका कहना है कि विभाग के अधिकारियों का सरंक्षण होने के कारण रेत तस्कर खुलेआम रेत की तस्करी कर रहे हैं और जल्द ही इस पर रोक नहीं लगाया गया, तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

Share This Article