1 नवंबर से शुरू होगी बड़ी योजनाएं: 28 लाख मजदूरों को फायदा, बच्चों को IIT-NEET के लिए फ्री कोचिंग,5 रुपए में भोजन सभी जिलों में

राजेन्द्र देवांगन
3 Min Read
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement

छत्तीसगढ़ में सरकार 1 नवंबर से बड़ी योजनाएं शुरू करने जा रही है। इसका फायदा 28 लाख श्रमिकों को मिलेगा। उनके परिजनों के लिए भी ये योजना लागू की जा रही है। इसमें हेल्थ,फूड और एजुकेशन पर फोकस किया जा रहा है।

प्रदेश के श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने इन योज.श्रमिकों के बच्चों को बड़े प्राइवेट इंस्टीट्यूशन में एजुकेशन देने के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना की शुरूआत होगी। इसमें आवेदन की प्रक्रिया की शुरुआत 1 नवंबर को होगी।

मजदूर परिवार सशक्तिकरण योजना, रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों के बच्चों को आईआईटी, जेईई, नीट, सीए की परीक्षा के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना की शुरुआत होगी। श्रम विभाग की सचिव अलरमेल मंगई डी, वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल वर्मा, बीओसी की सचिव सविता मिश्रा, मुख्य निरीक्षक और श्रमायुक्त एसएस पैकरा ने योजनाओं के बारे में श्रम मंत्री को बैठक में जानकारी दी है।

मंत्री ने बैठक में योजनाओं का अनुमोदन किया।अब सभी जिलों में शुरू होगी श्रम अन्न योजना संचालक मंडल की बैठक में श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने श्रमिक सम्मेलन में घोषणा की थी कि शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना सभी जिलों में लागू होगी।

तो इसे भी शुरू किया जा रहा है। इसके तहत 5 रुपए में श्रमिकों को पौष्टिक भोजन की सुविधा मिलेगी।हेल्थ चेकअप भी होगा बोर्ड की बैठक में श्रमिकों और उनके परिवार जनों के निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कराएं जाने पर भी मुहर लगी। स्वास्थ्य विभाग, ईएसआईसी से भी परीक्षण कराएं जाने का निर्णय लिया गया।

इससे 26 लाख से अधिक अधिक श्रमिकों को फायदा मिलेगाश्रमिकों की मौत पर मंडल देगा 1 लाख रूपए मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना के तहत बूथ पंजीकृत निर्माण श्रमिक को काम के दौरान में दुर्घटना मृत्यु पर 5 लाख रूपए, स्थाई दिव्यांगत में ढाई लाख, सामान्य मृत्यु पर उनके वैध उत्तराधिकारी को एक लाख रूपए की राशि दी जाती है।

लेकिन ऐसे मजदूर जो रजिस्टर्ड नहीं हैं उन्हें के साथ ऐसा होने पर परिवार को कोई मदद नहीं मिल पाती। बोर्ड की बैठक में निर्णय लिया गया कि ऐसे श्रमिक की काम के दौरान अगर मृत्यु होती है तो उनके परिवार को एक लाख की सहायता राशि दी जाएगी।

Share This Article